शिलाई के ढाडस गांव के वीर भूतपूर्व सैनिक दीप राम बिरसांटा पंचतत्व में विलिन
ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
शिलाई क्षेत्र के वीर सपूत एवं एन० एस० जी० कमांडो हवलदार दीप राम (रिटायर्ड) (1977–2026) को नम आंखों से शनिवार को उनके पैतृक गांव ढाड़स में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पूर्व सैनिक दीप राम बच्चों की पढ़ाई के व्यवस्था के सिलसिले में नाहन गये थे। जहां 2 अप्रैल को दिन में चलते फिरते उन्हें अचानक हृदयाघात हुआ। जिसके बाद उन्हें त्वरित उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज नाहन ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बहादुर सैनिक के देहांत की खबर मिलते ही परिवार व गांव में मातम पसर गया। उनके आकस्मिक निधन से परिवार, गांव तथा क्षेत्र गहरे शोक में डूब गया। 4 अप्रैल को पूर्व सैनिक दीप राम को उनके पैतृक गांव ढाड़स में सैन्य सम्मान के साथ उनके 8 वर्षीय पुत्र उद्दीश और 31 वर्षीय भतीजे तपेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से मुखाग्नि दी। उनकी अफनी बटालियन 10वीं डोगरा रेजिमेंट के जवानों और क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने उन्हें पुरे सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। “दीप राम फौजी अमर रहे” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ उनकी अंतिम यात्रा गांव से स्वर्गधाम आश्रम तक निकाली गई।
संनद रहे कि 1977 में गिरिपार शिलाई के ढाडस के किसान परिवार में जन्में दीप राम ने वर्ष 1997 में भारतीय सेना की 10वीं डोगरा रेजिमेंट में सिपाही के रूप में भर्ती होकर अपने सैन्य जीवन की शुरुआत की। सेना में भर्ती के तुरंत बाद उन्होंने कारगिल युद्ध में भाग लिया। अपने अदम्य साहस और बहादुरी से उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों और परिस्थितियों में 24 वर्ष तक सैन्य सेवा की। अपने गौरवशाली करियर में उन्होंने देश के कई दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों जैसे सियाचिन ग्लेशियर, गलवान घाटी तथा देश के सबसे बहादुर और प्रतिष्ठित सेन्यबल एन०एस०जी० में बतोर कंमाडों सेवाएं दीं।
स्वर्गीय दीप राम अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनकी पत्नी सरिता देवी, चार बच्चे और अन्य परिजन शामिल हैं। क्षेत्रवासियों ने उन्हें नम आंखों से विदाई देते हुए उनकी वीरता और देशभक्ति को हमेशा याद रखने की बात कही।
इस अवसर पर 10वीं डोगरा रेजिमेंट के जवानो के साथ-साथ हॉनरेरी कैप्टन नारायण सिंह, हॉनरेरी कैप्टन विरेन्द्र तोमर, हितेन्द्र नेगी, देवराज शर्मा, जीवन सिंह, बस्ती राम, दिनेश ठाकुर, देवेन्द्र देसाई, राजेन्द्र सिंह, भगत सिह विरसान्टा, चतर सिंह, दिनेश चौहान, बन्टू नेगी, दलीप चौहान, रण सिह, दिनेश ठाकुर के अलावा दर्जनों भूतपूर्व सेनिक, के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
