ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
पवन चौधरी के इस केंद्रीय दौरे से पौण्टा साहिब विधानसभा की सियासत गर्मा गई हैं। दरअसल, पवन चौधरी दिल्ली स्थित निवास स्थान पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद केंद्रीय स्वास्थ्य, उर्वरक रसायन एवं परिवार कल्याण मंत्री J.P.Nadda से मिले हैं और उनका कुशलक्षेम जाना। पवन चौधरी केन्द्र के इस दौरे में राज्यसभा सांसद सिकन्दर कुमार से भी मिले। भले ही यह दौरा एक साधारण मुलाकात तक सीमित रहा हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इन मुलाकातों के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
बता दें कि आजकल मानसून सत्र के दौरान जब प्रदेशभर से लोग अपने विधायकों व मंत्रियों के समक्ष अपनी-अपनी फरियाद लेकर पहुंच रहे हैं, ऐसे में विधायक सुखराम चौधरी अपना निजी फोन बंदकर किसी से मिल नहीं पा रहे हैं, हालांकि यह सब उनके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही हैं। वह IGMC में भर्ती रहे हैं और अब स्वस्थ होकर शिमला में ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। बाबजूद इसके आलम यह है कि पार्टी नेताओं की बात भी उनकी बेटी नवनीत चौधरी के फोन से हो पा रही हैं। सत्र शुरू होने के बाद खत्म होने को आ रहा है और सुखराम चौधरी अभी तक एक दिन भी विधानसभा सत्र का हिस्सा नहीं बन पाए हैं।
ऐसे में अब सुखराम चौधरी के खराब स्वास्थ्य की चर्चा और जोर पकड़ने लगी हैं और पार्टी के कई नेता अंदरूनी तौर पर सीधे दिल्ली व अन्य राष्ट्रीय नेताओं से टिकट की चाह में सम्पर्क साधने लगे हैं।
बीते कल ही मीडिया कर्मियों ने पौण्टा साहिब भाजपा मंडल की पत्रकार वार्ता में यह सवाल उठाया था, जिस पर मण्डल अध्यक्ष ने शायराना अंदाज़ में जवाब दिया कि शीघ्र ही स्वस्थ होकर विधायक लोगों के बीच उपस्थित होंगे।
मंडल अध्यक्ष ने अपने जवाब में यह साफ किया है कि वह बीमार जरूर है लेकिन लौट कर आएंगे फिर से, लेकिन तब तक के लिए एक प्रश्नचिन्ह जरूर खड़ा हो गया हैं।
यहां यह भी जिक्र करना जरूरी है कि स्वास्थ्य जांच के लिए जब सुखराम चौधरी दिल्ली गए हुए थे तो उन्होंने अपनी बेटी नवनीत चौधरी की मुलाकात भी केन्द्रीय नेताओं से करवाई थी, जिसके बाद यह बात जोर पकड़ने लगी कि सुखराम चौधरी अपनी बेटी के लिए सियासी जमीन तैयार कर चुके हैं और उन्हें इसी बार भी टिकट के लिए पेश किया जा सकता है। हालांकि पार्टी नेताओं व खुद सुखराम चौधरी ने इन सब बातों से किनारा किया और खुद को ही मैदान में डटे रहने की बात कही।
उधर, नवनीत चौधरी की एकाएक बड़ी पार्टी के अंदर सक्रियता भी लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि आने वाले समय मे वह भी महिला दावेदारी में से हो सकती हैं।

