ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ के कारण 58 दिनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 244 हो गई है। बुधवार को शिमला जिले के रोहड़ू सब-डिविजन में पब्बर नदी में डूबने से 16 साल के दो युवकों की मौत हो गई। इस ताजा घटना के साथ ही मॉनसून सीजन के दौरान राज्य भर में डूबने से मरने वालों की कुल संख्या 11 हो गई है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के अनुसार, 30 जून से 26 अगस्त के बीच मरने वालों की कुल संख्या 244 है। इनमें से 101 मौतें सीधे तौर पर मौसम से जुड़ी आपदाओं – जैसे भूस्खलन, अचानक बाढ़ और डूबने की घटनाओं के कारण हुईं, जबकि 143 लोगों की मौत इस दौरान सड़क हादसों में हुई। SEOC के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 370 लोग घायल हुए हैं, जबकि 39 लोग अभी भी लापता हैं। लंबे समय तक चले मॉनसून से राज्य के सड़क, बिजली और पानी के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बुधवार शाम तक हिमाचल प्रदेश में 82 सड़कें बंद थीं। मंडी सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िला था, जहां 37 सड़कें बंद थीं, इसके बाद कुल्लू में 20, कांगड़ा में सात और सिरमौर व चंबा में पांच-पांच सड़कें बंद थीं। राज्य भर में खराब हुए पांच डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर यूनिट और 13 जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत का काम भी चल रहा है। प्रभावित जिलों में शिमला और कांगड़ा भी शामिल हैं।
राज्य सरकार का अनुमान है कि मानसून की शुरुआत से अब तक सार्वजनिक और निजी संपत्ति को कुल मिलाकर 1,17,622 लाख रुपये (लगभग 1,176 करोड़ रुपये) से ज़्यादा का नुकसान हुआ है। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग ने उठाया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित जिलों में राहत, सड़क की मरम्मत और पुनर्वास के अन्य काम जारी हैं। शिमला मौसम विभाग ने 1 सितंबर को राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया।

