16 साल बाद भी नहीं स्थापित हुए जिले के एंट्री पॉइंट पर वे-ब्रिज, हाईकोर्ट के आदेश को ठेंगा..
पांवटा साहिब में बेलगाम ट्रालों पर लगाम लगाने के लिए विकास मंच हुआ मुखर, ट्रालों के लिए परिधीय मार्ग की उठी मांग..
जिलाधीश सिरमौर से ट्रालों की गतिसीमा 30 कि.मी. प्रति घंटा तय करने का आग्रह..
ओवरलोडिंग व बिना नम्बर प्लेट ट्रालों को मटेरियल देने के लिए स्टोन क्रशर भी हों जिम्मेदार..
एक्शन न होने पर कोर्ट की अवमानना का केस दायर करने की दी चेतावनी..
ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
श्री पांवटा साहिब विकास मंच ने जिलाधीश सिरमौर को एक ज्ञापन भेजकर पांवटा साहिब क्षेत्र में खनन सामग्री ले जा रहे ओवरलोड डम्परों और बेलगाम ट्रालों की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मंच के अध्यक्ष जीएस चौहान ने कहा कि शहर की मुख्य सड़क, बांगरण बाई पास, विश्वकर्मा चौक और खजुरना पुल से दोसड़का नाहन के बीच रोजाना जाम और धूल प्रदूषण से आम जनता का जीना दूभर हो गया है।
श्री चौहान ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश ने ओवरलोडिंग को लेकर 15 मार्च 2010 को राज्य सरकार को सभी एंट्री पॉइंट पर ‘वे-इन-मोशन’ वे-ब्रिज लगाने का आदेश दिया था परन्तु 16 साल बीत जाने के बाद भी पांवटा साहिब के गोविंदघाट, भूपपुर और बहराल सहित काला आम्ब बैरियर पर आज तक एक भी वे-ब्रिज स्थापित नहीं है। इस बारे हाई कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए l
विकास मंच ने यह भी मांग की है कि यमुना नदी के किनारे-किनारे भूपपुर से यमुना नदी के लिए स्लिप रोड का निर्माण कर के रामपुरघाट, नवादा और मानपुर देवड़ा के स्टोन क्रशर जोन तक एक समर्पित पेरीफेरियल सड़क / बाईपास बनाया जाए।
मंच ने शहरी क्षेत्र में ट्रालों की गति सीमा 30 किमी प्रति घंटा तय करने और पुलिस-परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सख्त चालान करने की मांग की है। साथ ही बिना नंबर प्लेट और बिना रिफ्लेक्टर चल रहे डम्परों पर HSRP और ANPR कैमरों से निगरानी की मांग की गई है।
श्री चौहान ने दो टूक कहा कि यदि स्टोन क्रशर इकाइयां बिना नंबर वाले दोषी वाहनों को माल भेजती हैं तो उन्हें भी जिम्मेदार ठहराया जाए।
अंत में मंच ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करने को बाध्य होगा ।

