चार वर्ष बीत गए, लेकिन मुख्यमंत्री आज तक पांवटा साहिब नहीं पहुंचे — क्या पांवटा हिमाचल का हिस्सा नहीं?

भारतीय जनता युवा मोर्चा पांवटा साहिब के अध्यक्ष संयम गुप्ता एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा हिमाचल प्रदेश के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चरणजीत चौधरी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में शायद यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि कोई मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के लगभग चार वर्ष पूरे होने के बावजूद प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों का औपचारिक दौरा तक नहीं कर पाया है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज तक पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के औपचारिक दौरे पर नहीं आए हैं।

उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब केवल सिरमौर का ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं सीमावर्ती विधानसभा क्षेत्र है। यहां हजारों लोग उद्योगों में कार्यरत हैं और प्रदेश के राजस्व में भी इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री का चार वर्षों तक यहां न पहुंचना सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
संयम गुप्ता एवं चरणजीत चौधरी ने कहा कि बीते दिनों पांवटा कांग्रेस के छह गुटों में से तीन गुटों ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर बड़े-बड़े दावे किए और विकास की लंबी-चौड़ी बातें कीं। लेकिन धरातल पर उनकी कोई झलक दिखाई नहीं देती। यदि वास्तव में विकास हुआ है तो पांवटा साहिब की बदहाल सड़कें, बरसात में जलभराव, जगह-जगह गड्ढे, अधूरे विकास कार्य और जनता की परेशानियां आखिर क्यों जस की तस बनी हुई हैं?
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस नेताओं को जनता की समस्याएं दिखाई ही नहीं देतीं या फिर उन्हें इन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रह गया है। प्रेस वार्ता कर अपनी पीठ थपथपाने से विकास नहीं होता, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने से होता है।
संयम गुप्ता एवं चरणजीत चौधरी ने पांवटा कांग्रेस के सभी नेताओं एवं सभी गुटों से आग्रह करते हुए कहा कि यदि वास्तव में उनकी मुख्यमंत्री तक पहुंच है, तो वे शीघ्र मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का पांवटा साहिब का औपचारिक दौरा सुनिश्चित करवाएं। मुख्यमंत्री स्वयं यहां आकर जनता की वास्तविक समस्याओं को देखें और यह जानें कि लोग किन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकारों के कार्यकाल में जब भी मुख्यमंत्री पांवटा साहिब आए, तब क्षेत्र को अनेक विकास कार्यों, नई परियोजनाओं एवं संस्थानों की सौगात मिली। लेकिन वर्तमान सरकार के लगभग चार वर्षों में न मुख्यमंत्री का औपचारिक दौरा हुआ और न ही पांवटा साहिब को कोई बड़ी विकासात्मक उपलब्धि मिली। उल्टा पूर्व भाजपा सरकार द्वारा स्वीकृत कई कार्यालयों एवं संस्थानों को डिनोटिफाई कर क्षेत्र के विकास की गति को रोकने का कार्य किया गया।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा का उद्देश्य केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना नहीं, बल्कि पांवटा साहिब की जनता की आवाज़ को सरकार तक पहुंचाना है। यदि मुख्यमंत्री वास्तव में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के समान विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, तो उन्हें बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के शीघ्र पांवटा साहिब का दौरा करना चाहिए और जनता को यह विश्वास दिलाना चाहिए कि पांवटा साहिब भी हिमाचल प्रदेश का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा है, जितना प्रदेश का कोई अन्य विधानसभा क्षेत्र।

