ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)

शांतिपूर्ण तरीके से जंतर मंतर दिल्ली और किसान घाट दिल्ली जा रहे पोंटा साहिब किसान सभा और भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के नेतृत्व को पानीपत में पुलिस ने जबरन नाकेबंदी कर के रोक लिया हैं।

भारतीय किसान यूनियन पोंटा साहिब अध्यक्ष तरसेम सिंह सगी व हिमाचल किसान सभा उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह गोपी ने बताया कि यह न केवल लोकतंत्र की हत्या है बल्कि फासिज्म की सोच रखने वाली RSS से निर्देशित सत्ताधारी पार्टी की देश में अघोष निरंकुशतावादी इमरजेंसी है। उन्होंने कहा कि क्या किसान छात्रों नौजवानों के आंदोलन को भ्रष्टाचार के खिलाफ समर्थन देने भी नहीं जा सकता…? क्या किसान शांतिपूर्वक किसान घाट पर किसान पंचायत भी नहीं कर सकता…?
उन्होंने कहा कि आज सुबह दर्जनों गाड़ियों का जत्था दिल्ली की और जा रहा था, इसी बीच अभी तक 2 गाडिया पानीपत में रोकी गई। बाकी भी शायद ditain कर लिए गए होंगे। क्योंकि उनके भी फोन नहीं लग रहे है। उन्होंने कहा कि वह लोग लगभग 7 से 8 नाकों पर निकल कर यहां तक पहुंचे हैं।
जहाँ पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ जगजीत सिंह, बलदेव सिंह, प्रधान और हरजीत सिंह आदि 11 किसानों को रोक लिया गया हैं। यह क्षेत्र थाना पानीपत 13/11 सेक्टर के तहत आता हैं। जहाँ अभी वे सब हैं।


