ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
पुलिस थाना नाहन के अंतर्गत नैशनल हाईवे-7 कालाअम्ब-पांवटा साहिब मार्ग पर गुरुवार तड़के एक सड़क हादसा पेश आया। यह हादसा नाहन से करीब 4 किलोमीटर दूर माता बाला सुंदरी गौसदन के समीप सुबह लगभग 4 बजे हुआ, जहां हरियाणा नंबर का एक ट्राला अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में चालक और परिचालक की जान बाल-बाल बच गई और कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार यह ट्राला किसी फैक्ट्री के सामान से लदा हुआ था और कालाअम्ब से पांवटा साहिब की ओर जा रहा था। सुबह करीब 4 बजे जब ट्राला गौसदन के पास पहुंचा, तो परिचालक (हैल्पर) नीचे उतरा और ट्राले के पिछले हिस्से के टायरों में पत्थर लगाने लगा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पत्थर लगाते समय ट्राला अचानक पीछे (बैक) होने लगा। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब उसे लगा कि स्थिति हाथ से निकल चुकी है, तो उसने तुरंत ट्राले से छलांग लगा दी। इसके चंद सैकेंड बाद ही ट्राला गहरी खाई में जा गिरा और उसके पूरी तरह से परखच्चे उड़ गए। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस थाना सदर नाहन से एएसआई सुरेश मेहता के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने चालक और परिचालक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस हादसे के असल कारणों की गहनता से जांच कर रही है।
कुछ ही दिनों में तीसरा हादसा
गौरतलब है कि नैशनल हाईवे-7 पर लगातार सड़क हादसे सामने आ रहे हैं। खासकर ओवरलोडेड ट्राले, डंपर और टिप्पर हादसों का कारण बन रहे हैं। कुछ ही दिनों में यह तीसरा हादसा है। इससे पहले 19 मई को खजुरना पुल के समीप एक ओवरलोडेड ट्राला चढ़ाई पर पीछे की ओर अनियंत्रित होकर सड़क के बीचों-बीच फंस गया था। इससे पूर्व खजुरना पुल के समीप उतराई में आलू से लदे एक ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे, जिसके बाद ट्रक हाईवे किनारे बोलेरो गाड़ी पर पलट गया था। उस हादसे में 5 लोग घायल हुए थे।
भारी वाहनों से बढ़ रही परेशानी
हाईवे से प्रतिदिन गुजरने वाले कुलदीप ठाकुर, पवन चंदेल, राजेश और रिंकू आदि लोगों का कहना है कि हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार खराब होने के बाद ट्रालों को सड़क किनारे ही खड़ा कर दिया जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर भारी वाहनों की नियमित जांच और ओवरलोडिंग पर सख्ती से कार्रवाई की मांग उठाई है। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से उचित कदम उठाने की भी गुहार लगाई है।
एनएच-7 पर लगातार सामने आ रहे हादसों ने हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही और निगरानी की कमी के चलते हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि हादसों को रोकने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।

