ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
संयुक्त कार्रवाई समिति के नेताओं ने मांग उठाई कि बिजली बोर्ड को निजी हाथों में देने के बजाय उसे सशक्त बनाया जाए। नई भर्तियां की जाएं, पुरानी पेंशन योजना बहाल हो, लंबे समय से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए और लंबित सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। धरने में कर्मचारी संघ, अभियंता संघ और पेंशनर संगठनों के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। अंत में संयुक्त कार्रवाई समिति ने चेतावनी दी कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
