ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
जिला सिरमौर के नारग स्थित शराब कंपनी मैसर्स पैराडाइज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता से जुड़ी कई कमियां सामने आने के बाद प्राधिकरण ने कंपनी का खाद्य लाइसैंस तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। निरीक्षण के दौरान मादक पेय पदार्थों के निर्माण में एक्सपायर्ड फ्लेवर और कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। उत्पादन परिसर में स्वच्छता व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। निरीक्षण के दौरान ब्लेंडेड टैंक ठीक से बंद नहीं मिला, जबकि बोतल साफ करने वाली मशीन पर ग्रीस और धूल जमा थी। परिसर में टूटे हुए कांच के टुकड़े भी पाए गए।
एफएसएसएआई के मुताबिक केंद्रीय लाइसैंसिंग प्राधिकरण की ओर से दिए गए निर्देशों के बावजूद शराब उत्पादों के लेबल में आवश्यक वैधानिक बदलाव नहीं किए गए थे। इसके अलावा दरवाजों की फिटिंग, रोशनी, पेंट, पैकिंग और कीट नियंत्रण से जुड़ी कमियां भी दर्ज की गईं। खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता को लेकर भी निरीक्षण में कमियां सामने आईं। कर्मचारियों के मैडीकल एवं टीकाकरण रिकॉर्ड और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं पाए गए।
लाइसैंस निलंबित किए जाने के साथ प्राधिकरण ने डिस्टिलरी प्रबंधन को निलंबन अवधि के दौरान संबंधित खाद्य एवं पेय उत्पादन गतिविधियां रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निरीक्षण में सामने आई तकनीकी, संरचनात्मक और स्वच्छता संबंधी कमियों को निर्धारित अवधि में दूर करने को कहा गया है।
एफएसएसएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्रवाई सभी अनुमत फ्लेवर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध से संबंधित नहीं है। मामला ऐसे फ्लेवर के इस्तेमाल से जुड़ा है, जो उत्पाद की वास्तविक प्रकृति अथवा उसके प्राकृतिक स्वाद और सुगंध को लेकर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं। यह कार्रवाई एफएसएसएआई ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी सांझा की है।

