ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
कहते हैं कि यदि हौसले बुलंद हों और इरादों में चट्टान सी मजबूती हो, तो राह के हर रोड़े और पहाड़ जैसी बड़ी चुनौतियां भी बौनी साबित हो जाती हैं। इस बात को एक बार फिर सच कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के दुर्गम चुराह क्षेत्र के युवा राजेश ठाकुर ने। संसाधनों की भारी कमी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से जूझते हुए राजेश ने अपनी अटूट मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने थाईलैंड में आयोजित वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

थाईलैंड के चियांग माई में 20 से 22 अगस्त 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में दुनिया भर के कई देशों के दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से प्रतियोगिता में उतरे राजेश कुमार ने 130+ किलोग्राम भार वर्ग में अपनी ताकत और तकनीकी कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण जीता। प्रतियोगिता के लिए जारी एथलीट प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने इस भारी-भरकम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तिरंगे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऊंचा किया। सुदूर पहाड़ी इलाके से निकलकर विश्व स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल करना न सिर्फ राजेश के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का पल है। अपनी इस सफलता के बाद भी राजेश रुकने वाले नहीं हैं। अपनी इस कामयाबी के बारे में बात करते हुए वे पूरे आत्मविश्वास के साथ कहते हैं कि उनका अंतिम और बड़ा लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक लाना है। उनका मानना है कि अगर कड़ी मेहनत और सही दिशा में मार्गदर्शन मिले, तो दुनिया का कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

