ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने के बाद मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में वीरवार और शुक्रवार के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने भूस्खलन, चट्टानें गिरने और फ्लैश फ्लड की आशंका जताते हुए लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील मार्गों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ क्षेत्रों में वीरवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है।
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
पिछले कुछ दिनों में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मंडी-पराशर मार्ग पर चलती बस पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटना हो चुकी है, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें बाधित होने और छोटे पुलों तथा खड्डों में पानी बढ़ने से आवाजाही प्रभावित हुई है। ऐसे हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को नदी, नालों और खड्डों के आसपास नहीं जाने तथा मौसम की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में कम दृश्यता, फिसलन और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्गों, संपर्क मार्गों और पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने जिला अधिकारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने की स्थिति में नदी-नालों, झरनों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। किसानों और बागवानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि और बागवानी कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दो दिनों तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
नाहन में झमाझम बारिश से बदला मौसम, उमस से मिली राहत, किसानों के खिले चेहरे
सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार तड़के शुरू हुई लगातार बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। सुबह करीब चार बजे से शुरू हुई रिमझिम बारिश का सिलसिला कई घंटों तक जारी रहा, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और पूरे क्षेत्र में ठंडी हवाओं के साथ मौसम सुहावना हो गया।
पिछले तीन दिनों से तेज उमस के कारण लोग काफी परेशान थे। ऐसे में सुबह से हो रही बारिश ने लोगों को राहत पहुंचाई। मौसम ठंडा होने से बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि लगातार बारिश के चलते कुछ अभिभावकों ने एहतियात के तौर पर अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
बारिश का सबसे अधिक फायदा कृषि और बागवानी क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से वर्षा का इंतजार कर रहे किसानों के अनुसार, इस समय हुई बारिश धान, मक्का सहित खरीफ की अन्य फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। इसके अलावा फलदार पौधों और सब्जियों की खेती को भी पर्याप्त नमी मिलने से बेहतर वृद्धि की संभावना बढ़ गई है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश मिट्टी में नमी बनाए रखने के साथ फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में भी सहायक होगी। इससे किसानों की सिंचाई पर निर्भरता भी कुछ हद तक कम होगी।
मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने तथा मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।

