ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
शिमला में एक मई से 15 जून के बीच लगभग 15 लाख वाहनों के पहुंचने के मद्देनजर पुलिस ने गर्मियों में पर्यटकों की भीड़ से निपटने के लिए पांच-सूत्रीय रणनीति अपनाई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यातायात के उपायों में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, कड़ी निगरानी, वैकल्पिक रास्तों की मैपिंग और सार्वजनिक वाहनों को बढ़ावा देना शामिल है।
पिछले 45 दिनों में शिमला में आईं 15 लाख से ज्यादा गाड़ियां
गर्मी की छुट्टियों के लिए स्कूल बंद होने के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल प्रदेश की अलग-अलग जगहों की ओर रुख कर रहे हैं। पर्यटकों की इस भारी भीड़ के कारण राजमार्गों और लिंक रोड पर अक्सर यातायात जाम हो रहा है। होटल मालिकों के अनुसार, पिछले हफ़्ते हिमाचल प्रदेश में होटलों-रेस्तरां आदि में सप्ताह के दिनों में पर्यटकों की मौजूदगी 60-70 प्रतिशत रही जबकि सप्ताहांत पर यह बढ़कर 80-90 प्रतिशत हो गई। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया, ”पिछले 45 दिनों में 15 लाख से ज्यादा गाड़ियां शिमला में आईं और पुलिस ने इस भीड़ से निपटने के लिए पांच-सूत्रीय रणनीति बनाई है।” उन्होंने कहा कि अगर अंदरूनी रुकावटों को दूर कर लिया जाए, तो पर्यटकों की भारी भीड़ को संभालना कोई समस्या नहीं है।
पुलिस ने अपनाई 5 सूत्रीय यातायात योजना
पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि यातायात प्रबंधन की रणनीति में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों, इंटरसेप्टर वाहनों और मोटरसाइकिल पर सवार जवानों की तैनाती, राजपत्रित अधिकारियों द्वारा निगरानी, वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल और सार्वजनिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहन एवं जागरूकता का प्रसार शामिल है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाले कार्ट रोड पर भारी वाहनों जैसे बस या ट्रक का खराब होना एक बड़ी समस्या है क्योंकि इनके कारण अक्सर लंबा जाम लग जाता है। सिंह ने बताया कि ‘सिंगल-लेन’ वाली सड़क पर खराब वाहन को खींचकर ले जाने के लिए क्रेन मंगाना काफी समय खपत वाली प्रक्रिया है। यातायात प्रबंधन रणनीति में स्वयंसेवकों के अलावा 210 अतिरिक्त पुलिसकर्मी और होम गार्ड्स की तैनाती शामिल है। गाड़ियों के आसानी से आने-जाने और भीड़-भाड़ को रोकने के लिए प्रमुख पार्किंग स्थलों पर भी ट्रैफ़िक कर्मियों को तैनात किया गया है।

