ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह उपमंडल में हुए चालक हरविंद्र सिंह हत्याकांड में पुलिस जांच में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। तीसा थाना पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ पाया गया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है, जिनसे गहन पूछताछ जारी है।
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक हरविंद्र सिंह पेशे से चालक था। उसका गांव की ही एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। जब इस बात की भनक युवती के पक्ष के लोगों को लगी, तो उन्होंने हरविंद्र को डराने-धमकाने और इस मामले को हमेशा के लिए सुलझाने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक, आरोपियों ने हरविंद्र सिंह को भंजराडू स्थित उसके कमरे से बातचीत करने के बहाने बाहर बुलाया और अपने साथ ले गए। सुनसान जगह पर बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने हरविंद्र पर हमला कर दिया। इस मारपीट में चोट लगने के कारण हरविंद्र सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वाहन के भीतर मिले खून के धब्बे
जांच में सामने आया है कि अपने गुनाह को छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को एक वाहन (गाड़ी) में डाला और पास के एक गहरे नाले में फेंक दिया, ताकि यह एक आम सड़क दुर्घटना लगे। तीसा थाना प्रभारी अशोक कुमार चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच के चक्रव्यूह को घुमाया। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ियां जोड़ते हुए महज 4 घंटे में आरोपियों को दबोच लिया। सोमवार को नूरपुर से विशेष फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने घटनास्थल और उस वाहन की बारीकी से वैज्ञानिक जांच की, जिसमें शव को ले जाया गया था। फोरेंसिक टीम को वाहन के भीतर से खून के धब्बे व कमरे में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें रासायनिक परीक्षण के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
मामले की पुष्टि करते हुए चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने बताया कि हत्याकांड के पीछे प्रेम प्रसंग ही बात सामने आई है। अदालत ने तीनों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। एसपी ने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

