ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
अस्पताल में लोग बीमारी से ठीक होने जाते हैं, लेकिन ज्वालामुखी अस्पताल की एक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की जान के साथ हो रहे खिलवाड़ की पोल खोल कर रख दी है। मंगलवार को यहां भर्ती मरीजों को नाश्ते में पूरी तरह से फफूंदी लगी और खराब ब्रेड परोसी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को अस्पताल में करीब 8 से 10 मरीज भर्ती थे। जब मरीजों को नाश्ता दिया गया, तो ब्रेड देखकर उनके होश उड़ गए। ब्रेड पर साफ तौर पर फफूंदी लगी हुई थी। कई मरीजों ने तुरंत इस खराब खाने को खाने से इंकार कर दिया, जबकि कुछ जागरूक मरीजों ने इसे सबूत के तौर पर अपने पास संभाल कर रख लिया। इसी दौरान अस्पताल में भर्ती एक युवती ने इस सड़ी हुई ब्रेड का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
13 जून थी एक्सपायरी, फिर कैसे खराब हो गई ब्रेड
सबसे हैरानी की बात यह है कि ब्रेड के पैकेट पर एक्सपायरी डेट 13 जून दर्ज थी, लेकिन तय तारीख से पहले ही वह पूरी तरह खराब हो चुकी थी। इस खुलासे के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या अस्पताल में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की कोई जांच नहीं होती? या फिर ठेकेदार द्वारा चंद पैसों के मुनाफे के लिए जानबूझकर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है?
अस्पताल प्रबंधन की असंवेदनशीलता यहीं खत्म नहीं हुई। आरोप है कि जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, अस्पताल प्रबंधन ने अपनी गलती सुधारने की बजाय वीडियो बनाने वाली युवती पर उसे डिलीट करने का भारी दबाव बनाया। हालांकि, तब तक सच्चाई सामने आ चुकी थी और वीडियो तेजी से वायरल हो गया था।
मामले के तूल पकड़ने और जनता के बढ़ते दबाव के बाद आखिरकार अस्पताल प्रशासन को तुरंत हरकत में आना पड़ा। बीएमओ डॉ. पवन ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए भोजन सप्लाई करने वाले ठेकेदार को तुरंत लाइन हाजिर कर दिया है। डॉ. पवन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

