*शिलाई विधानसभा कोई प्रयोगशाला नहीं, क्षेत्र के संस्थानों से खिलवाड़ बंद करे सुक्खु सरकार : बलदेव तोमर*
*कहा,,चुनावी हार की बौखलाहट में शिलाई विधानसभा पर राजनीतिक प्रतिशोध का प्रयोग कर रही है कांग्रेस सरकार, रोनहाट कॉलेज के विलय का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए*
नाहन : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने कहा कि पंचायती राज चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस सरकार पूरी तरह बौखला गई है और अब शिलाई विधानसभा क्षेत्र के साथ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी डिग्री कॉलेज रोनहाट के विलय का निर्णय क्षेत्र की जनता, विद्यार्थियों और अभिभावकों की भावनाओं पर सीधा प्रहार है।
बलदेव तोमर ने कहा कि शिलाई विधानसभा कोई प्रयोगशाला नहीं है, जहां कांग्रेस सरकार अपनी विफल नीतियों और राजनीतिक बदले की भावना के प्रयोग करती रहे। चुनावों में जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दिया है, लेकिन सरकार जनादेश का सम्मान करने के बजाय क्षेत्र के संस्थानों को कमजोर करने में जुट गई है।
उन्होंने कहा कि सबसे हैरानी की बात यह है कि सरकार द्वारा घोषित ₹5000 मासिक स्टाइपेंड केवल उन विद्यार्थियों तक सीमित रखा गया है जो नाहन कॉलेज में प्रवेश लेंगे। यदि कोई छात्र अपनी सुविधा के अनुसार किसी अन्य नजदीकी सरकारी महाविद्यालय में प्रवेश लेना चाहता है तो उसे इस सुविधा से वंचित कर दिया जाएगा। यह छात्र हित में लिया गया निर्णय नहीं बल्कि विद्यार्थियों को मजबूर करने और आंकड़ों का खेल खेलने का प्रयास है।
तोमर ने कहा कि रोनहाट जैसा दूरदराज़ क्षेत्र पहले ही शैक्षणिक सुविधाओं की चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में कॉलेज को मजबूत करने के बजाय उसका अस्तित्व समाप्त करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को बताना चाहिए कि यह शिक्षा सुधार है या फिर चुनावी हार का बदला।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता के मन में यह आशंका लगातार बढ़ रही है कि आज रोनहाट कॉलेज को निशाना बनाया गया है, कल कफोटा एसडीएम कार्यालय, कमरऊ (तिलोरधार) बीडीओ कार्यालय तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों पर भी सरकार की नजर पड़ सकती है। यदि ऐसा हुआ तो भाजपा और क्षेत्र की जनता इसका पुरजोर विरोध करेगी।
बलदेव तोमर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु से मांग की कि रोनहाट कॉलेज के विलय संबंधी निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा शिलाई विधानसभा क्षेत्र के संस्थानों को कमजोर करने की राजनीति बंद की जाए। उन्होंने कहा कि शिलाई की जनता अपने अधिकारों, संस्थानों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार यह भ्रम छोड़ दे कि राजनीतिक प्रतिशोध के माध्यम से वह जनता की आवाज को दबा सकती है। शिलाई की जनता जागरूक है और अपने क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।

