ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर जनप्रतिनिधि बनने का गौरव प्राप्त किया है। चुनाव परिणाम के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश की जनता ने शिक्षित उम्मीदवारों के साथ-साथ अनपढ़ प्रत्याशियों पर भी भरोसा जताया है। चुनावों में कुल 443 अनपढ़ प्रत्याशी विजयी हुए हैं, जो कुल विजयी उम्मीदवारों का 1.43 प्रतिशत हैं। इसके अलावा मैट्रिक पास उम्मीदवारों का सबसे अधिक दबदबा देखने को मिला। कुल 13,786 मैट्रिक पास प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जो विजयी उम्मीदवारों का 44.46 प्रतिशत है। उच्च माध्यमिक (प्लस-टू) शिक्षित उम्मीदवारों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। चुनावों में 7,176 उच्च माध्यमिक पास प्रत्याशी विजयी रहे, जिनकी हिस्सेदारी 23.14 प्रतिशत रही। मैट्रिक से कम शैक्षणिक योग्यता रखने वाले 5,749 उम्मीदवारों ने भी चुनाव जीतकर पंचायतों में अपनी जगह बनाई। इनकी हिस्सेदारी 18.54 प्रतिशत रही।
उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों की बात करें तो 2,605 स्नातक उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल रहे, जो कुल विजयी उम्मीदवारों का 8.04 प्रतिशत हैं। इसके अलावा 1,251 स्नातकोत्तर शिक्षित प्रत्याशियों ने भी जीत हासिल कर पंचायत प्रतिनिधियों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया। इनकी हिस्सेदारी 4.03 प्रतिशत रही। चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 924 अनपढ़, 15,800 उच्च माध्यमिक पास, 31,778 मैट्रिक पास, 12,416 अंडर मैट्रिक, 6,138 स्नातक तथा 3,025 स्नातकोत्तर योग्यता वाले प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। चुनावी आंकड़ों से साफ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं ने केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की सामाजिक स्वीकार्यता, कार्यशैली और जनसंपर्क को भी प्राथमिकता दी।
पंचायती राज संस्थाओं में 2096 बीपीएल प्रत्याशी जीत कर आए
हिमाचल प्रदेश के हाल ही में हुए पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में 2096 (6.76 प्रतिशत) बीपीएल प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। 27580 (88.94 प्रतिशत) ए.पी.एल. प्रत्याशी, 201 (0.65 प्रतिषत) प्रत्याशी करदाता तथा 1133 (6.76 प्रतिशत) प्रत्यशी गैर करदाता जीत कर आए हैं।
पंचायती राज संस्थाओं में 53.82 फीसदी महिलाएं आई चुनकर
राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में 53.82 फीसदी यानि 16690 महिलाएं चुन कर आई हैं, जबकि 46.18 फीसदी पुरुष प्रतिनिधि चुनकर आए हैं। यानि 14320 पुरुष जीतकर आए हैं।
राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में 0.57 फीसदी यानि 177 प्रत्याशी अन्य पिछड़ा वर्ग के चुनकर आए। इसके अलावा अनारक्षित श्रेणी के 12189 (39.31 प्रतिशत) प्रत्याशी, 4539 (14.64 प्रतिशत) अनुसूचित जाति महिला के, 2448 (7.89 प्रतिशत) अनुसूचित जाति, 1175 (2.26 प्रतिशत) अनुसूचित जनजाति महिला, 701 (2.26 प्रतिशत) अनुसूचित जनजाति, 226 (0.73 प्रतिशत) अन्य पिछड़ा वर्ग महिला तथा 9555 (30.81 प्रतिशत) महिला (अन्य) प्रत्याशी चुन कर आए हैं।
चुनावों में 21 से 30 वर्ष के 13.15 फीसदी आए जीत कर
राज्य में चुनावों में 21 से 30 वर्ष वाले 13.15 फीसदी (4078) प्रत्याशी जीत कर आए, जबकि 60 वर्ष से ऊपर के 4.96 फीसदी (1538) प्रत्याशी जीत कर आए। इसके अलावा चुनाव में 31 से 40 आयु वर्ग के 34.98 फीसदी (10848) प्रत्याशी, 41 से 50 वर्ष आयु वर्ग के 31.45 फीसदी (9752) प्रत्याशी तथा 51 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 15.46 फीसदी (4794) प्रत्याशी जीत कर आए।

