ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में शुक्रवार को 17वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कविंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और बड़ी संख्या में छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं. शैक्षणिक उपलब्धियों के इस खास अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में काफी उत्साह देखने को मिला. समारोह में कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा और कृषि सचिव सी. पलरासु भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 1421 डिग्रियां प्रदान की गईं. इनमें से 340 छात्र-छात्राएं व्यक्तिगत रूप से समारोह में शामिल हुए. राज्यपाल ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 18 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया. इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. पांडा, कुलसचिव डॉ. मधु चौधरी, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र एवं अभिभावक मौजूद रहे.
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि डिग्री प्राप्त करना छात्रों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन यही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि असली सफलता तब है, जब छात्र अपने ज्ञान और शिक्षा का उपयोग समाज और देश के विकास में करेंय. उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि कृषि और बागवानी पर निर्भर हिमाचल प्रदेश के किसानों के उत्थान के लिए काम करना समय की जरूरत है. राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की 90 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि और बागवानी से जुड़ी है, इसलिए कृषि वैज्ञानिकों और छात्रों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है.
राज्यपाल ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने आधुनिक खेती की चुनौतियों का जिक्र करते हुए रासायनिक खेती के विकल्प खोजने और सुरक्षित खाद्य उत्पादन पर जोर दिया. उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय से पढ़कर निकलने वाले छात्र भविष्य में कृषि क्षेत्र में नई सोच और तकनीक के साथ सकारात्मक बदलाव लाएंगे. वहीं, समारोह में मौजूद विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भी कृषि शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत बनाने पर बल दिया.

