ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल में पंचायत चुनावों की सरगर्मी अब गांव-गांव तक पहुंच चुकी है. सत्ता की सबसे छोटी लेकिन सबसे प्रभावशाली इकाई मानी जाने वाली पंचायतों में जनप्रतिनिधि बनने की होड़ तेज हो गई है. पंचायत सदस्य से लेकर प्रधान, उपप्रधान, पंचायत समिति और जिला परिषद तक के पदों के लिए उम्मीदवारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन प्रदेशभर में रिकॉर्ड नोमिनेशन देखने को मिला, जिसने चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है.
ग्रामीण राजनीति के इस महासंग्राम में दूसरे दिन रिकॉर्ड स्तर पर नामांकन दाखिल हुए. प्रदेशभर में शुक्रवार को कुल 25,671 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र जमा करवाए. इसके साथ ही दो दिनों में नामांकन दाखिल करने वाले दावेदारों की संख्या बढ़कर 42,562 तक पहुंच गई है. हालांकि, अब नामांकन प्रक्रिया पर दो दिनों का ब्रेक लग गया है. शनिवार और रविवार को सरकारी अवकाश के चलते नामांकन पत्र दाखिल नहीं किए जाएंगे. इसके बाद 11 मई को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अंतिम बार अपने नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे, इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो जाएगी.
इसके बाद 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 14 और 15 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे. नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होते ही चुनाव मैदान में डटे उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी और उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे.
किस जिला में कितने नामांकन
प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज चुनावों की सरगर्मियां पूरे शबाब पर है. नामांकन प्रक्रिया के दूसरे उम्मीदवारों और समर्थकों की भीड़ कार्यालयों के बाहर उमड़ पड़ी. प्रदेश में ग्राम पंचायत सदस्य, उप प्रधान, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद पदों के लिए तीन चरणों में होने वाले चुनावों के दूसरे दिन कुल 25,671 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र जमा करवाए.
जिसमें जिला कांगड़ा में सबसे अधिक 5989 नामांकन पत्र दाखिल किए गए. वहीं, लाहौल स्पीति में सबसे कम 209 नामांकन दाखिल हुए. इसके अलावा बिलासपुर में 1281, चंबा में 2581, हमीरपुर 1548, किन्नौर में 423, कुल्लू में 1504, मंडी 4180, शिमला में 2675, सिरमौर में 1797, सोलन में 1541 और ऊना जिला में 1941नामांकन पत्र दाखिल किए गए.
प्रदेश में 31 हजार पदों के लिए जंग
प्रदेश में कुल 31,182 पदों के लिए उम्मीदवारों के बीच सीधा संघर्ष देखने को मिलेगा. इनमें सबसे अधिक 21,654 ग्राम पंचायत सदस्य पदों पर मुकाबला होगा, जिससे गांव स्तर पर लोकतंत्र की सबसे बड़ी तस्वीर उभरकर सामने आएगी. इसके अलावा 3754 प्रधान और इतने ही उपप्रधान पदों के लिए चुनावी रण सज चुका है.
पंचायत समिति सदस्य के 1769 पदों और जिला परिषद की 251 सीटों पर भी प्रत्याशियों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिलेगी. ग्रामीण राजनीति के इस महासंग्राम में अब हर गांव चुनावी रंग में रंग चुका है. कहीं विकास के दावे गूंज रहे हैं तो कहीं जातीय और सामाजिक समीकरणों का गणित बैठाया जा रहा है. आने वाले दिनों में प्रचार के साथ चुनावी तापमान और बढ़ेगा.

