सड़कों की ठोकरों से ‘अपना घर आश्रम’ के साये तक, पत्रकार संजय कंवर दो बेसहारा जिंदगियों के लिए फिर बने मसीहा..
ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
पिछले दिनों सतौन बस स्टैंड और पांवटा साहिब के बातापुल चौक से दो मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों का रेस्क्यू किया गया। ये दोनों व्यक्ति काफी लंबे समय से सड़कों पर असहाय अवस्था में इधर-उधर भटक रहे थे। न रहने का ठिकाना था, न खाने का सहारा। धूप, बारिश, सर्दी में खुले आसमान के नीचे दिन-रात गुजार रहे थे।
मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण ये अपना नाम-पता तक नहीं बता पा रहे थे। जब इनकी जानकारी पत्रकार संजय कंवर को मिली तो उन्होंने तुरंत रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू कर दी। दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। इसके बाद एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल तथा पुलिस थाना पांवटा साहिब से नियमानुसार अनुमति प्राप्त की गई।
सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों व्यक्तियों को सकुशल ‘अपना घर आश्रम, रूड़की, उत्तराखंड’ शिफ्ट कर दिया गया है। अब जहां कल तक ये सड़कों पर भूखे-प्यासे भटक रहे थे, वहीं आज इन्हें सिर पर छत, तन पर साफ कपड़े और समय पर भोजन मिल रहा है।
पत्रकार संजय कंवर ने बताया कि ‘अपना घर आश्रम’ में अब इन दोनों मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों का उचित उपचार किया जाएगा। चिकित्सकों की देखरेख में इनकी मानसिक स्थिति में सुधार का प्रयास किया जाएगा। उम्मीद है कि विशेष देखभाल और उपचार के बाद इनका आगे का जीवन सुखमय और सुरक्षित बीतेगा। जो जिंदगी सड़कों की ठोकरें खाते बीत रही थी, अब वह सम्मान और अपनत्व के साथ गुजरेगी।
उन्होंने इस पुनीत कार्य में सहयोग के लिए एसडीएम पांवटा साहिब, पुलिस थाना पांवटा साहिब का आभार व्यक्त किया हैं। विशेष रूप से ‘अपना घर आश्रम, रूड़की, उत्तराखंड’ की पूरी टीम का दिल से धन्यवाद, जिन्होंने इन बेसहारा लोगों को अपनाकर इंसानियत की सच्ची मिसाल पेश की है।

