वोट चोरी का आरोप लगाने से पहले कांग्रेस अपने संगठन और जनाधार का आत्ममंथन करे : रोहित चौधरी
ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
पाँवटा साहिब। जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा मंडल महामंत्री रोहित चौधरी ने कांग्रेस द्वारा लगातार लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने संगठन और जमीनी स्थिति का आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि देश में वोट चोरी हो रही होती, तो हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार कैसे बनती? हाल ही में प्रदेश में हुए पंचायतीराज चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से संपन्न हुए हैं। जिला सिरमौर की बात करें तो 17 में से 13 जिला परिषद सदस्य भाजपा समर्थित निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा अनेक पंचायतों में प्रधान एवं उपप्रधान भी भाजपा समर्थित चुने गए हैं। नगर निकायों और ब्लॉक समितियों में भी भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों को जनता का समर्थन मिला है। ऐसे में कांग्रेस को बताना चाहिए कि जब प्रदेश में उसकी अपनी सरकार है और चुनाव बैलेट पेपर से हुए हैं, तो यहां वोट चोरी कैसे हुई?
रोहित चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी समस्या उसका कमजोर होता संगठन और घटता जनाधार है। आज कांग्रेस में कार्यकर्ताओं से ज्यादा नेताओं की संख्या दिखाई देती है। हर कोई नेता बनना चाहता है, लेकिन बूथ स्तर पर कार्यकर्ता बनकर मेहनत करने के लिए कोई तैयार नहीं है। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी का संगठन बूथ स्तर तक मजबूत कार्यकर्ताओं के आधार पर काम करता है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी एक पुराने राजशाही मानसिकता वाले संगठनात्मक ढांचे से बाहर नहीं निकल पाई है। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति और जनाधार पर उसे गंभीरता से विचार करना चाहिए। कई राज्यों में कांग्रेस गठबंधन के सहारे चुनाव लड़ने को मजबूर है। जब पार्टी अपना जनाधार मजबूत करने के बजाय लगातार कमजोर करती जाएगी, तो उसे हर चुनावी हार के बाद वोट चोरी का आरोप लगाने के बजाय अपनी कमियों को स्वीकार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास केवल भाषणों और आरोपों से नहीं जीता जा सकता। इसके लिए जनता के बीच रहना, उनके सुख-दुख में शामिल होना, उनके मुद्दों को उठाना और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना आवश्यक है।
रोहित चौधरी ने आगे कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता द्वारा चुनी गई सरकारों पर बिना ठोस प्रमाण के लगातार सवाल उठाकर राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने से कुछ हासिल नहीं होगा। विदेशी हस्तक्षेप और फंडिंग से जुड़े आरोपों को भी तथ्यों एवं प्रमाणों के आधार पर जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। देशवासियों को भ्रामक प्रचार और अप्रमाणित दावों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।
अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और जनता के जनादेश का सम्मान करना प्रत्येक राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। कांग्रेस को वोट चोरी के आरोपों की राजनीति छोड़कर अपने संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच जाकर काम करने पर ध्यान देना चाहिए।
