ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
शिक्षा विभाग में हैडमास्टर और प्रिंसीपलों की पदोन्नति के बाद अब टीजीटी शिक्षकों को पदोन्नति मिल सकती है। प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में सेवाएं दे रहे 900 से अधिक पात्र टीजीटी शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति की राह देख रहे हैं। शिक्षकों को उम्मीद है कि अब हैडमास्टर और प्रिंसीपलों की पदोन्नति के बाद उनकी बारी है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लैक्चरार के करीब 2 से 3 हजार पद खाली बताए जा रहे हैं। ऐसे में उक्त शिक्षक इन पदों को पदोन्नति से भरने की मांग शिक्षा विभाग से कर रहे हैं।
इस मामले को सर्व टीजीटी महासंघ ने भी प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष उठाया है। महासंघ के प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने मांग की है कि पदोन्नति के लिए पात्र शिक्षकों की सूची और अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी कर प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने सरकार से पात्र टीजीटी शिक्षकों को बिना अनावश्यक देरी के लैक्चरार पद पर पदोन्नत करने की मांग की है।
प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियां नियमित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुरूप न किए जाने का मुद्दा भी शिक्षक वर्ग के बीच चर्चा में है। शिक्षकों को आशंका है कि नियमों से अलग की जा रही इन नियुक्तियों का असर भविष्य में नियमित शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पर पड़ सकता है। खासकर टीजीटी से लैक्चरार पद पर पदोन्नति के मामलों में इसका प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में शिक्षक चाहते हैं कि शिक्षा विभाग नियुक्तियों और पदोन्नति से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करे, ताकि नियमित शिक्षकों के पदोन्नति अधिकार सुरक्षित रहें।
