ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
पांवटा साहिब में लंबे समय से चल रही जदोजहद आखिर आज शाम उस वक्त थम गई जब “देवभूमि दून पहाड़ी संघठन पौण्टा साहिब” नाम से नया संघठन खड़ा किया गया। जिला परिषद सदस्य खत्री ठाकुर की अध्यक्षता में आज 3 बजे से चली मैराथन बैठक (जरनल हॉउस) में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसमें सर्वसमिति से अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महासचिव व मुख्य सलाहकार को क्षेत्रीय तालमेल के हिसाब से चुना गया हैं।
आम जरनल हॉउस में सर्वसमिति से प्रसिद्ध समाजसेवी और कमरऊ निवासी जगदीश तोमर को अध्यक्ष चुना गया हैं। संगठन में महासचिव मस्तराम शर्मा (लानी बोराड), मुख्य सलाहकार अधिवक्ता दिनेश तोमर (शिलाई) के अलावा कोषाध्यक्ष लाल सिंह (जेलभोज), वरिष्ठ उपाध्यक्ष मामराज ठाकुर (ठुन्ढू) चयन उपस्थित जनसमूह की मौजूदगी में सर्वसम्मति से किया गया हैं, जबकि कार्यकारिणी विस्तार को लेकर 18 अक्टूबर के बाद औपचारिक घोषणा की उम्मीद हैं।
बता दें कि ‘दून पहाड़ी संघठन पौण्टा साहिब’ से कुछ लोगों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर विरोध जताया था। दून पहाड़ी संगठन ने आज सुबह 11 बजे प्रेस वार्ता कर चुने हुए पदाधिकारियों को न हटाये जाने की शर्त पर कार्यकारिणी विस्तार में नए लोगों को जोड़ने की बात कही थी। लेकिन इस बात से नाराज दूसरे पक्ष के पहाड़ी समुदाय लोगों ने दून पहाड़ी संघठन पर क्षेत्रवाद का आरोप लगाते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया और ‘देवभूमि दून पहाड़ी संगठन पौण्टा साहिब’ नाम से नया संघठन खड़ा करने की पहल की।
इस दौरान नवनियुक्त अध्यक्ष जगदीश तोमर ने कहा कि पहले से दून क्षेत्र में कार्यरत ‘दून पहाड़ी संघठन पौण्टा साहिब’ से इस संगठन का कोई विरोध नहीं है। उनसे भी तालमेल बैठाने और मिलजुलकर काम करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी लोगों से यह भी अपील की है कि वेबजह सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफार्म पर ओर प्रत्यक्ष तौर पर बिना मतलब की बहस अथवा आरोप-प्रत्यारोप न लगाएं।

इस दौरान महासचिव मस्तराम शर्मा ने सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए चुने हुए कार्यकारिणी के नामो की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि सभी लोग एक बात हमेशा याद रखें कि हम सब पहाड़ी भाई है और संगठन पहाड़ी भाइयों के कल्याण हेतु बना रहे हैं। संगठन हर क्षेत्र में हो सकते हैं और कई संगठन हो सकते हैं लेकिन हमारा उद्देश्य सकारात्मक और विकासवादी होना चाहिए।
सनद रहे कि आगामी 18 अक्टूबर को ‘दून पहाड़ी संघठन पौण्टा साहिब’ की बैठक (आम सभा) आमंत्रित हैं। हालांकि इस दौरान कई बातों पर मंथन होना है, लेकिन अब संघठन में सदस्यों की संख्या को लेकर रस्साकस्सी हैं। इस लिए कयास लगाए जा रहे हैं कि उक्त बैठक में संख्या बल से शक्ति प्रदर्शन जरूर देखने को मिल सकता हैं, क्योंकि इससे पहले भी दून पहाड़ी संघठन पर संख्या बल कम होने के बाबजूद भी चुनाव किये जाने के आरोप लगे हैं। बहरहाल, अब दोनों ओर से पहाड़ी लोगों को अपनी और खींचने की कवायद शुरू हो गई हैं।
