ट्रांसगिरी विशेषकर आँजभोज क्षेत्र को वर्तमान और पूर्व सरकार ने हमेशा रखा हाशिये पर: जीएस चौहान

बोले – भाजपा विधायक सुखराम चौधरी के रोड़ शो पर मंच अध्यक्ष ने कसा तंज, पूछे 5 सवाल..

ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
ट्रांसगिरी और विशेषकर आँजभोज क्षेत्र को वर्तमान और पूर्व सरकार ने हमेशा हाशिये पर रखा है तथा क्षेत्र के प्रति घोर अनदेखी बरती जा रही है….चाहें खस्ताहाल सड़के हों चाहें खुद बीमार दिखने वाला राजपुर और भगानी हस्पताल हों या कॉलेज -स्कूलों में खाली पड़े पदों की बात हों, यह इस बात का प्रमाण है कि गिरिपार की इन 18 पंचायतों को इन नेताओं ने केवल वोट बैंक समझा हुआ है l कुछ चंद स्थानीय कार्यकर्ता भी इस इस जिम्मेदारी से नहीं बच सकते जिन्हें केवल अपने राजनीतिक आकाओं के भविष्य की चिंता है ।
“श्री पांवटा साहिब विकास मंच” अध्यक्ष जीएस चौहान ने यह सवाल उठाते हुए कहा है कि स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी के नेतृत्व में विपक्ष द्वारा किया गया प्रदर्शन बहुत हैरान करने वाला है l यानि जो नेता 25 साल से सत्ता पर काबिज है वह उस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे है जिसकी लिए वह 80% खुद जिम्मेदार हैं l यह प्रदर्शन आम जनता को उनके विरुद्ध करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा के मेरे मित्रों को अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन कर अपने नेता से 5 प्रश्न जरूर पूछने चाहिए :
1. यदि पिछली सरकार में सड़के इतनी अच्छी थी तो क्या वे सरकार बदलते ही रातोंरात टूट गई..? और यदि नहीं तो ये प्रदर्शन का नाटक कैसा..?
2. DMFT का पैसा यानि अपना हक लेने में भी वे नहीं ले सके तो फिर प्रदर्शन या पद पर बने रहने का क्या औचित्य ..?
3. बनोर गाँव का DMFT कहां गया..? क्या बनोर वासियों उन्हें ने उन्हें वोट नहीं दिए..?
4. आश्वासन के वावजूद भरली रुदाना सड़क को जानबूझकर कैंसिल करने का पाप क्यों किया..?
5. क्या इन परिस्थितियों में ऐसे नेताओं को ट्रांसगिरी या आँजभोज क्षेत्र में कदम रखना चाहिए..? इस प्रकार का अन्याय करने वाले नेता को ऑक्सीजन देकर क्या स्थानीय कार्यकर्त्ता स्वयं क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं कर रहे..? क्या उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र का हित नहीं देखना चाहिए..?
गौरतलब हो कि कुछ दिन पूर्व ही श्री पौण्टा साहिब विकास मंच अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस के पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग को भी खरी-खोटी सुनाई थीं।

