ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
किन्नौर स्थित रामपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (विशेष पोक्सो कोर्ट) ने 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के एक 4 साल पुराने मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी संतोष कुमार पुत्र छेरिंग निवासी गांव व डाकघर पूह, जिला किन्नौर को पोक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 7,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

मामले की जानकारी देते हुए सरकार की तरफ से मुकद्दमे की पैरवी करने वाले उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि यह खौफनाक घटना 19 सितम्बर 2020 की है। उस समय पीड़िता 10वीं कक्षा में पढ़ती थी और उसकी उम्र महज 16 वर्ष थी। पीड़िता अपना एसओएस का पेपर देने के लिए रिकांगपिओ आई हुई थी। इसी दौरान आरोपी संतोष कुमार, जिसने फेसबुक के माध्यम से पीड़िता से दोस्ती की थी, उससे मिलने पहुंच गया। पेपर खत्म होने के बाद जब पीड़िता लौट रही थी, तब आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और अपनी गाड़ी में बैठाकर रामपुर ले गया। रामपुर में दोनों एक गेस्ट हाउस में रुके, जहां रात के समय आरोपी ने नाबालिग पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसकी आबरू लूट ली।
अगले दिन आरोपी पीड़िता को वापस रिकांगपिओ की तरफ ले आया और उसे शौंगटौंग के पास सड़क पर यह कहकर उतार दिया कि वह दो दिन बाद आकर उसे अपने साथ ले जाएगा। जब पीड़िता ने अपने साथ हुई इस दरिंदगी की आपबीती परिजनों को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस थाना रिकांगपिओ में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता का मेडिकल करवाया, जिसमें दुष्कर्म की स्पष्ट पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान कुल 20 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयानों और ठोस सबूतों को गहराई से परखने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष के हक में फैसला सुनाते हुए आरोपी को इस घिनौने अपराध के लिए 10 साल की कैद और 7,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

