ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के पांवटा साहिब उपमंडल में वन विभाग ने संरक्षित वन्यजीवों के शिकारियों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने मॉनिटर लिजर्ड (गोह) का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चार मॉनिटर लिजर्ड बरामद की गई हैं, जिनमें से तीन मृत और एक जीवित अवस्था में मिली है। वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार वन विभाग को इलाके में मॉनिटर लिजर्ड के शिकार की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद टीम पूरी तरह सतर्क हो गई। शुक्रवार शाम को विभाग की टीम ने राजबन के समीप एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को जांच के लिए रोका। बाइक पर तीन लोग सवार थे। जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से एक भालानुमा हथियार और एक बोरी बरामद हुई। बोरी खोलने पर उसके अंदर चार मॉनिटर लिजर्ड मिलीं, जिनमें तीन की मौत हो चुकी थी, जबकि एक घायल अवस्था में जीवित थी।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन चारों मॉनिटर लिजर्ड का शिकार शुक्रवार को ही किया गया था। घायल और जीवित मिली मॉनिटर लिजर्ड के उपचार के लिए मौके पर तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाया गया। फिलहाल उस घायल गोह को वन विभाग और पशुपालन विभाग की कड़ी निगरानी में रखा गया है। गौरतलब है कि मॉनिटर लिजर्ड, जिसे स्थानीय भाषा में गोह कहा जाता है, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत एक संरक्षित प्रजाति है। इसके शिकार पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है और ऐसा करते हुए पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है।
वन विभाग के एसीएफ आदित्य शर्मा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के कब्जे से एक जीवित और तीन मृत मॉनिटर लिजर्ड बरामद की गई हैं। मामले में नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान गोल्डी, गुज्जर और अंजा के रूप में हुई है, जो सभी कुंजा के रहने वाले हैं। वन विभाग द्वारा अब तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

