ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब कस्बे में वर्ष 2022 में हुई 15 वर्षीय किशोरी प्राची राणा की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश नरेश ठाकुर की अदालत ने मुख्य आरोपी आसिफ मोहम्मद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, इस ऐतिहासिक फैसले के कुछ ही घंटों बाद एक और स्तब्ध करने वाला घटनाक्रम सामने आया, जहां इकलौते बेटे को उम्रकैद होने के सदमे में दोषी के पिता ताज मोहम्मद का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
क्या था मामला?
जानकारी के मुकाबिक, मामला 5 अप्रैल 2022 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अंब के प्रताप नगर में रहने वाली प्राची राणा अपने घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता काम से बाहर गए थे और छोटी बहन स्कूल में थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला आसिफ मोहम्मद जबरन घर में दाखिल हुआ। उसने पेपर कटर से गला रेतकर प्राची की बेरहमी से हत्या कर दी थी। परिजनों ने घर लौटने पर प्राची का खून से लथपथ शव बरामद किया था, जिसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दबोचा था।
50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष अदालत में सघन सुनवाई चली। पीड़ित पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी एकलव्य ने पुख्ता पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ 28 गवाह पेश किए, जिनमें पुलिस कांस्टेबल राजीव कुमार की गवाही भी बेहद अहम रही। अदालत ने गवाहों के बयान और अन्य प्रमाणों के आधार पर आसिफ को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था दोषी आसिफ
बताया जा रहा है कि दोषी आसिफ अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। अदालत के फैसले के कारण पिता ताज मोहम्मद गहरे मानसिक तनाव में चल रहे थे। वहीं, जैसे ही अदालत का फैसला आया, देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्हें हृदयाघात (हार्ट अटैक) आया और उन्होंने दम तोड़ दिया।

