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Sunday, April 26, 2026

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शेयर कर बढ़ाये मदद के हाथ, गिरिपार के बेटे की जिंदगी बचाने के लिए लाचार पिता की गुहार..

ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)

सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र, ठोंठा जाखल पंचायत के बायला गुजोन गांव का 26 वर्षीय अमित कुमार कभी गांव का होनहार बेटा था। खेती-बाड़ी कर परिवार पालने वाले पिता खजान सिंह ने मेहनत-मजदूरी करके बेटे को पढ़ाया। अमित नाहन में JBT की पढ़ाई कर रहा था। आंखों में शिक्षक बनने का सपना था, पिता की गरीबी मिटाने का जज्बा था।

लेकिन 8 जून 2024 का वह मनहूस दिन अमित के सारे सपने छीन ले गया। एक भीषण सड़क हादसे में अमित गंभीर रूप से घायल हो गया। रीढ़ की हड्डी टूट गई। परिजन उसे PGI चंडीगढ़ ले गए। दो साल तक ईलाज चला, लाखों रुपये खर्च हो गए। पर अमित आज भी बिस्तर पर है। वह चल नहीं सकता, उठ नहीं सकता। PGI के डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए।

बेटे को बचाने की आखिरी उम्मीद लेकर पिता खजान सिंह उसे AIIMS दिल्ली ले गए। वहाँ डॉक्टरों ने कहा – “ईलाज संभव है, पर खर्च लाखों में आएगा।”

आज खजान सिंह टूट चुका है। जिस बेटे को पढ़ाने के लिए उसने दिन-रात एक किया, आज उसी बेटे के ईलाज के लिए वह दर-दर भीख मांगने को मजबूर है। दो साल में जमा पूंजी खत्म हो गई, कर्ज सिर पर चढ़ गया।

26 साल का अमित… जो कभी क्लास में सबसे आगे बैठता था, आज दो साल से बिस्तर पर लेटा सिर्फ छत निहारता है। उसकी आंखें पूछती हैं – “पापा, क्या मैं फिर कभी चल पाऊंगा..?”

*एक पिता की आपसे हाथ जोड़कर विनती है*
आपका 100, 500 या 1000 रुपये का सहयोग अमित को नई जिंदगी दे सकता है। आपकी मदद से एक बुझता हुआ चिराग फिर से जल सकता है। एक बूढ़े पिता का सहारा फिर से उसके पैरों पर खड़ा हो सकता है।

*मदद के लिए बैंक विवरण:*
*पिता का नाम*: खजान सिंह
*खाता संख्या*: 44643728077
*IFSC कोड*: SBIN0000686
*बैंक*: SBI, शाखा नाहन
*Google Pay / PhonePe*: 8894236301

इंसानियत के नाते इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। हो सकता है आपकी एक शेयर से अमित की जिंदगी बच जाए।

*”नेकी कर दरिया में डाल”* – आज अमित को आपकी जरूरत है।

 

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