सी.सी.आई. राजबन प्लांट का बिजली कनेक्शन तुरंत बहाल करे सरकार, ‘पर्याप्तता रिपोर्ट’ के लिए मिले एक माह का समय: जी.एस. चौहान
ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
‘श्री पांवटा साहिब विकास मंच’ के अध्यक्ष जी.एस. चौहान ने सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सी.सी.आई.) के राजबन स्थित सीमेंट प्लांट का बिजली कनेक्शन काटे जाने पर गहरा प्रभाव व चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रदेश सरकार एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जनहित में तुरंत हस्तक्षेप कर प्लांट की बिजली बहाल करने तथा आवश्यक तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए प्रबंधन को उचित समय देने की मांग की है।
मामले की जानकारी देते हुए जी.एस. चौहान ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 27 मार्च 2018 को जारी निर्देशों में प्लांट में ऑनलाइन एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (जो सीपीसीबी के सर्वर से जुड़ा हो), इलेक्ट्रोस्टेटिक प्रेसिपिटेटर और पल्स जेट बैग हाउस जैसे आधुनिक प्रदूषण नियंत्रक उपकरण स्थापित करने के आदेश दिए थे। सीपीसीबी द्वारा 16 अक्टूबर 2025 को किए गए पुनः निरीक्षण (Re-inspection) के दौरान यह पाया गया था कि सीसीआई राजबन ने बताई गई सभी कमियों को दूर कर लिया है।
चौहान ने कहा कि निरीक्षण के उपरांत किसी मान्यता प्राप्त तकनीकी एजेंसी द्वारा सत्यापित ‘एडिक्वेसी’ (पर्याप्तता) रिपोर्ट भेजी जानी थी, परंतु सीसीआई राजबन प्रबंधन के अनुसार उन्हें इस बाबत कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए थे। इसके बावजूद, 8 सितंबर 2026 को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सीधे पावर कनेक्शन काटने के आदेश जारी कर दिए गए और विद्युत विभाग ने हाल ही में प्लांट का कनेक्शन काट दिया।
विकास मंच के अध्यक्ष ने कहा कि बिजली कटने से प्लांट पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे लगभग 250 नियमित (रेगुलर) कर्मचारियों और दर्जनों अस्थाई/दैनिक कर्मचारियों के परिवारों के समक्ष आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा, प्लांट बंद होने से स्थानीय ट्रक ऑपरेटर यूनियन और उससे जुड़े सैकड़ों लोगों के कारोबार एवं रोजी-रोटी पर भी सीधा और विपरीत असर पड़ेगा।
जी.एस. चौहान ने स्पष्ट किया कि श्री पांवटा साहिब विकास मंच स्थानीय निवासियों, प्रभावित कर्मचारियों और ट्रक ऑपरेटरों के अधिकारों व रोजगार की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है और आवश्यकता पड़ने पर इस विषय को हर स्तर पर उठाया जाएगा।

