साईं कोऑपरेटिव सोसाइटी में खाताधारकों के करोड़ों रुपये फंसने का मामला गहराया:
‘श्री पांवटा साहिब विकास मंच’ ने उठाई उच्चस्तरीय जांच की मांग
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)
पांवटा साहिब क्षेत्र में स्थानीय लोगों और गरीब परिवारों की गाढ़ी कमाई हड़पने/लटकाने से जुड़े एक गंभीर मामले पर ‘श्री पांवटा साहिब विकास मंच’ ने कड़ा संज्ञान लिया है। संस्था के अध्यक्ष जीएस. चौहान ने सहायक पंजीयक (सहकारी समितियां), नाहन को एक मांग पत्र प्रेषित किया है।
भूपपुर (पांवटा साहिब) स्थित ‘साईं कोऑपरेटिव सोसाइटी’ द्वारा स्थानीय लोगों की मेहनत व बचत का पैसा न लौटाने और टालमटोल करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। क्षेत्र के सैकड़ों खाताधारकों की जमा पूंजी फंसने से फैले जन-रोष को देखते हुए सामाजिक संस्था ‘श्री पांवटा साहिब विकास मंच’ मैदान में उतर आई है।
मंच के अध्यक्ष जी.एस. चौहान ने सहायक पंजीयक (सहकारी समितियां), नाहन को आधिकारिक पत्र भेजकर इस पूरे प्रकरण की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग की है।
विकास मंच के अध्यक्ष जी. एस. चौहान ने अपने पत्र में प्रशासन व सहकारिता विभाग के समक्ष निम्नलिखित 4 मुख्य सवाल व मांगें रखी हैं:-
1. जमा पूंजी की स्थिति: साईं कोऑपरेटिव सोसाइटी के पास वर्तमान में कुल कितने खाताधारकों की एफडीआर (FDR), बचत और आरडी (RD) के रूप में कितनी कुल राशि जमा है..?
2. निवेश का ब्यौरा: खाताधारकों से एकत्रित की गई इस बड़ी धनराशि को सोसाइटी ने कहां-कहां इन्वेस्ट (निवेश) किया है या किन लोगों को लोन के रूप में बांटा है..?
3. संपत्ति व भूमि क्रय की जांच: क्या संस्था/सोसाइटी के संचालकों ने खाताधारकों के पैसे का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत नाम या सोसाइटी के नाम पर कोई जमीन, प्लॉट या अचल संपत्ति खरीदने में किया है..?
4. विभाग द्वारा ऑडिट रिपोर्ट: सहकारिता विभाग द्वारा इस सोसाइटी का अंतिम ऑडिट कब किया गया था और क्या वह ऑडिट रिपोर्ट संतोषजनक पाई गई थी..?
एसडीएम और थाना प्रभारी पांवटा साहिब को भी भेजी गई प्रतिलिपि..
विकास मंच ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी प्रतिलिपि उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) पांवटा साहिब को भेजकर प्रशासनिक स्तर पर गहन छानबीन की मांग की है। इसके साथ ही थाना प्रभारी (SHO) पांवटा साहिब से भी अनुरोध किया गया है कि हाल ही में पुलिस द्वारा सोसाइटी के संचालकों से की गई पूछताछ एवं जांच की अद्यतन रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। विकास मंच के अध्यक्ष जी. एस. चौहान ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पीड़ित खाताधारकों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा और यदि शीघ्र न्याय न मिला तो आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

