ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की बद्दी यूनिट ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक ब्लॉक ऑफिसर और उसके एक सहयोगी को 22,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई खैर के पेड़ों के कटान की अनुमति से जुड़ी एक फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में की गई पैसों की मांग पर हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक ठेकेदार ने विजिलेंस विभाग को शिकायत दी थी कि पट्टा महलोग क्षेत्र के बीओ सतीश द्वारा खैर कटान की परमिशन देने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है। बीओ ने शातिर तरीका अपनाते हुए शिकायतकर्ता से कहा था कि वह यह रकम सीधे उसे न देकर नरेश नामक एक अन्य व्यक्ति को सौंप दे।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामले का सत्यापन किया और डीएसपी की अगुवाई में आरोपियों को पकड़ने के लिए एक ट्रैप (जाल) बिछाया। तय योजना के मुताबिक जैसे ही शिकायतकर्ता ने नरेश को 22,000 रुपए की रिश्वत की राशि सौंपी, विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बीओ सतीश और नरेश दोनों को मौके से धर दबोचा।
विजिलेंस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल जांच एजेंसी द्वारा रिश्वत की मांग, पैसों के लेन-देन और खैर कटान की परमिशन से जुड़ी विभागीय फाइल की प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
गौरतलब है कि दून विधानसभा क्षेत्र में हाल ही के दिनों में सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत लेने का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले बरोटीवाला क्षेत्र में ही एक महिला पटवारी को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से क्षेत्र के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल है।

