ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

सिरमौर जिले की कमरऊ तहसील के बागनधार स्थित चूना पत्थर की खदान में हुए भूस्खलन के बाद दूसरे दिन भी रैस्क्यू ऑप्रेशन युद्धस्तर पर जारी है। पहाड़ से अचानक गिरे भारी मलबे में दबे तीन लोगों में से बुधवार को एक डंपर चालक का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, मलबे में दबे नेपाली मूल के दो अन्य मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है। मौके पर एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोग लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हुए हैं, जिसकी निगरानी स्वयं डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार बीते मंगलवार को माइन में अचानक पहाड़ दरकने से भारी चट्टानें और मलबा नीचे आ गिरा था। इस खौफनाक मंजर में खदान में खड़े दो डंपर और एक एलएंडटी मशीन मलबे में पूरी तरह दब गए थे। हादसे के वक्त डंपरों में एक चालक और दो अन्य मजदूर मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और रैस्क्यू शुरू किया गया।

लगातार पहाड़ी से खिसकते मलबे, बारिश और घने कोहरे के कारण रेस्क्यू टीम को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार को एनडीआरएफ ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से दोबारा बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम एक डंपर तक पहुंचने में सफल रही और चालक को बाहर निकाला। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान बड़वास निवासी अनिल कुमार के रूप में हुई है। अब रैस्क्यू टीम के सामने लापता दो नेपाली मजदूरों को तलाशने की बड़ी चुनौती है।
मौके पर मौजूद डीसी प्रियंका वर्मा ने बताया कि एक चालक का शव मलबे से निकाल लिया गया है और दो अन्य लापता व्यक्तियों की तलाश जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी लापता लोगों की तलाश पूरी नहीं हो जाती, रैस्क्यू टीम मौके पर डटी रहेगी। वहीं, इस हादसे को लेकर जिला खनन अधिकारी सरित चंद्र ने बताया कि नियमों के तहत बरसात के मौसम में भी चूना पत्थर की खदानों में खनन गतिविधियां चलती रहती हैं। हालांकि, यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या मुख्य कारण रहे, इसकी गहन जांच संबंधित केंद्रीय एजैंसियों द्वारा की जाएगी। फिलहाल, खराब मौसम और खिसकते मलबे के बीच प्रशासन और एनडीआरएफ के सामने रेस्क्यू ऑपरेशन को सुरक्षित अंजाम तक पहुंचाने की कड़ी चुनौती बनी हुई है।

