
रोटरी क्लब पाँवटा साहिब ने पौधारोपण, फल वितरण एवं 15 वार विडोज़ को सम्मानित कर मनाया स्वतंत्रता दिवस..
ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)

पर्यावरण संरक्षण, देशभक्ति और समाज सेवा के संदेश के साथ रोटरी क्लब पाँवटा साहिब द्वारा कई सराहनीय सेवा परियोजनाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों की शुरुआत 13 अगस्त को पौधारोपण अभियान से हुई और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर वार विडोज़ के सम्मान तथा मरीजों को फल वितरण के साथ समापन हुआ।

1. गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल में वृक्षारोपण अभियान (13 अगस्त)..
“रोटरी सदस्यों और स्कूल के छात्र-छात्राओं ने गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल, हरिपुर टोहाना परिसर में बढ़-चढ़कर फलदार व छायादार पौधे लगाए।
प्रोजेक्ट चेयरमैन Rtn. गौरव खापड़ा रहे रोटरी प्रधान यशपाल धीमान ने कहा, “रोटरी का लक्ष्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी सही देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाना है। हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए।”

2. 15 वार विडोज़ (वीरांगनाओं) का सम्मान (15 अगस्त)..
“स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रोटरी क्लब पाँवटा साहिब ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों की 15 वार विडोज़ (वीरांगनाओं) को विशेष रूप से सम्मानित किया और उनके अतुलनीय योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।”
3. सरकारी अस्पताल में फल वितरण (15 अगस्त)..
“स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर क्लब द्वारा स्थानीय सरकारी अस्पताल, पाँवटा साहिब में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।”
“प्रोजेक्ट चेयरमैन Rtn. शांति स्वरूप गुप्ता ने कहा, “समाज के जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना ही देश का स्वतंत्रता दिवस मनाने का सबसे उत्तम तरीका है। हम सभी को मिलकर ‘Service Above Self’ के लक्ष्य को सार्थक करना चाहिए।”
इस दौरान प्रमुख उपस्थिति में इन सभी कार्यक्रमों के सफल आयोजन में रोटरी क्लब पाँवटा साहिब के प्रधान यशपाल धीमान, प्रोजेक्ट चेयरमैन गौरव खापरा, शांति स्वरूप गुप्ता, नरेंद्र पाल सिंह नारंग, नरेंद्र पाल सिंह सोता, प्रशांत आर्य, अभिनव बंसल, रवि दीप सिंह, कवंलजीत सिंह चड्ढा, अभय शर्मा, निर्मल अत्री, कविता गर्ग, डॉक्टर मनीष शर्मा, गुरप्रीत सिंह सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
स्कूल व अस्पताल प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन ने भी रोटरी क्लब पाँवटा साहिब के इन सभी सामाजिक एवं मानवीय प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

