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Friday, July 31, 2026

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सांसद सुरेश कश्यप के प्रश्न पर केंद्र ने दी आयुष्मान भारत की प्रगति रिपोर्ट, हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की जानकारी

सांसद सुरेश कश्यप के प्रश्न पर केंद्र ने दी आयुष्मान भारत की प्रगति रिपोर्ट, हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की जानकारी

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केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में बताया—हिमाचल में 2,845 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, शिमला संसदीय क्षेत्र में 64,666 मरीजों को ₹102.90 करोड़ का कैशलेस उपचार

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शिमला। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कुमार कश्यप द्वारा लोकसभा में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य बीमा कवरेज, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति को लेकर पूछे गए प्रश्न का उत्तर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने दिया।

मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार नियमित रूप से आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा कर रही है। 30 जून 2026 तक देशभर में 37,413 अस्पताल योजना से संबद्ध हैं, जिनमें से पिछले तीन वर्षों में 14,761 अस्पताल जोड़े गए हैं। इसी अवधि में देशभर में 7.14 करोड़ अस्पताल भर्ती इस योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई हैं।

उत्तर के अनुसार, शिमला संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में 57,395 आयुष्मान कार्ड बनाए गए तथा 64,666 अस्पताल भर्ती स्वीकृत हुईं। पात्र लाभार्थियों को ₹102.90 करोड़ का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया गया। शिमला जिले में 17,920 कार्ड और 22,785 उपचार, सोलन में 14,807 कार्ड और 21,299 उपचार तथा सिरमौर में 24,668 कार्ड और 20,582 उपचार स्वीकृत हुए।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत देशभर में 1.86 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश में 2,845 आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत शिमला में 343, सिरमौर में 178 और सोलन में 203 आयुष्मान आरोग्य मंदिर व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि 27 जुलाई 2026 तक देश में 95.78 करोड़ ABHA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाए जा चुके हैं तथा 106.99 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से लिंक किए जा चुके हैं। इसके अलावा 10.20 लाख स्वास्थ्य पेशेवर और 5.38 लाख स्वास्थ्य संस्थान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सत्यापित किए जा चुके हैं।

मंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा अनुमान (2022-23) के अनुसार स्वास्थ्य पर लोगों के जेब से होने वाले खर्च (Out-of-Pocket Expenditure) में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2014-15 में यह 62.6 प्रतिशत था, जो घटकर 2022-23 में 43.4 प्रतिशत रह गया है, जिसका प्रमुख कारण आयुष्मान भारत जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का विस्तार है।

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