ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
जिले के राजगढ़ उपमंडल की ग्राम पंचायत शाया चबरोंन में बुधवार देर रात हुए एक भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। गांव निवासी सुखदेव कुमार के पारंपरिक पहाड़ी मकान में अचानक भयानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते आवासीय हिस्से और रसोईघर को पूरी तरह जलाकर राख कर दिया। इस दुखद हादसे में घर में रखा राशन, आटा, चावल, कपड़े, बिस्तर, बर्तन और घरेलू सामान जलकर खाक हो गया, जिससे प्रभावित परिवार के पास केवल वही कपड़े बचे हैं जो उन्होंने घटना के समय पहन रखे थे।

घटना के वक्त सुखदेव कुमार घर पर मौजूद नहीं थे और उनकी पत्नी वंदना धीमान घर में अकेली थीं। रात लगभग 11 बजे धुएं और असामान्य हलचल का अहसास होने पर जब वंदना बाहर निकलीं, तो आग मकान के बीच वाले हिस्से में फैल चुकी थी। वंदना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना सबसे पहले नीचे गौशाला में बंधे तीन-चार पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे बेजुबानों की जान बच सकी। इसके बाद उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को मदद के लिए इकट्ठा किया।

महिला की आवाज सुनते ही कड़ाके की ठंड और लगातार हो रही बारिश के बावजूद गांव वाले बाल्टियों और पाइपों के साथ मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने में जुट गए। पारंपरिक पहाड़ी शैली में बने इस मकान का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह लकड़ी का था, जिसके कारण लपटों ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से मुख्य मकान का कुछ हिस्सा तो बचा लिया गया, लेकिन रसोईघर और उसमें रखी जीवन भर की जमा-पूंजी पूरी तरह नष्ट हो गई।

