ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल में अगले कुछ दिनों तक मौसम के कड़े तेवर देखने को मिलेंगे। मौसम विभाग ने 21 जुलाई के लिए चम्बा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू जिलों में बहुत भारी बारिश का रैड अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। पूरे प्रदेश में 25 जुलाई तक मौसम खराब रहने और अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। हालांकि सोमवार को भी चार जिलों में रैड अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन इस बीच कोई बड़े नुक्सान होने की सूचना नहीं है।

हालांकि लाहौल घाटी के जाहलमा नाले में अचानक आई बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बाढ़ की चपेट में आने से अस्थायी सड़क बह गई है, जिससे उदयपुर-केलांग सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। इस बीच कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना प्रबंधन ने भी चेतावनी जारी की है। कड़छम बांध में पानी का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है और किसी भी समय पानी छोड़ा जा सकता है। लोगों से सतलुज नदी के आसपास न जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। रैड अलर्ट के बावजूद सोमवार को प्रदेश में मूसलाधार बारिश की जगह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सोमवार को राज्य में सबसे अधिक 59.4 मिलीमीटर बारिश नाहन में रिकॉर्ड की गई।

सुंदरनगर में 31.8 और धर्मशाला में 19.2 मिलीमीटर बारिश हुई। ताबो क्षेत्र 30.4 डिग्री के साथ पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रहा। वहीं राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया और शहर में 1.2 मिलीमीटर हल्की बारिश हुई। राज्य आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार जनसुविधाओं की बहाली में प्रशासन को मिली-जुली सफलता मिली है। प्रशासन की मुस्तैदी से अवरुद्ध सड़कों की संख्या 49 से घटकर शाम तक 36 रह गई। वहीं 60 ठप्प पड़े ट्रांसफार्मरों में से शाम तक केवल 5 ही बाधित रहे। पेयजल योजनाओं पर बुरा असर पड़ा है। सुबह 12 योजनाएं प्रभावित थीं, जो शाम तक तेजी से बढ़कर 43 हो गई, जिसका सर्वाधिक प्रभाव चम्बा जिला पर पड़ा है। रैड अलर्ट के चलते मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में मंगलवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, तकनीकी संस्थान तथा आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला लिया गया है। अतिरिक्त निदेशक (कॉलेज) ने सभी अधिकारियों को मौसम पर लगातार नजर रखने और जिला प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल कॉलेज की संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

