ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
केरल के वायनाड में कुदरत के कहर ने हिमाचल प्रदेश के एक परिवार को जिंदगी भर का कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है। वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन में लापता चल रहे मंडी जिले के रिवालसर निवासी इंजीनियर राहुल शर्मा अब इस दुनिया में नहीं रहे। तीन दिन के दर्दनाक इंतजार के बाद परिवार की आखिरी उम्मीद भी उस वक्त टूट गई, जब मलबे से राहुल का शव बरामद हुआ। इस खबर के आते ही पूरे रिवालसर क्षेत्र में मातम पसर गया है और हर आंख नम है।

3 दिन बाद मलबे में खत्म हुई जिंदगी की तलाश
राहुल शर्मा वायनाड में एक इंजीनियर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जब वायनाड में यह खौफनाक भूस्खलन हुआ, तब राहुल भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव दल ने मलबे में उनकी तलाश शुरू कर दी थी। पिछले तीन दिनों से रैस्क्यू ऑप्रेशन दिन-रात चल रहा था, लेकिन अंततः बचाव दल को मलबे के बीच से राहुल का शव ही मिल सका।
साइट पर पत्नी-पिता को थी चमत्कार की उम्मीद
इस हादसे के बाद परिवार हर पल भारी मानसिक पीड़ा से गुजर रहा था। राहुल के पिता, उनकी पत्नी और अन्य परिजन खुद घटनास्थल पर डटे हुए थे, इस आस में कि शायद कोई चमत्कार हो जाए और राहुल जिंदा लौट आएं। वहीं, रिवालसर स्थित घर में राहुल की मां और बहन उनकी सुरक्षित वापसी के लिए भगवान से लगातार प्रार्थना कर रही थीं। लेकिन शव मिलने की पुष्टि होते ही चमत्कार की सारी उम्मीदें टूट गईं और पूरे परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
चंद महीनों में उजड़ गई दुनिया
नियति का क्रूर मजाक देखिए कि इसी साल मार्च महीने में राहुल शर्मा परिणय सूत्र में बंधे थे। कुछ महीने पहले जिस घर में नई नवेली दुल्हन के आने से खुशियों की शहनाई गूंज रही थी, भूस्खलन की इस त्रासदी ने आज वहां मातम ला दिया है। एक पत्नी का सुहाग चंद महीनों में ही उजड़ गया। इस हृदयविदारक घटना को सुनकर रिश्तेदार, परिचित और क्षेत्र के लोग भारी संख्या में शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं।
वायनाड में अभी भी जारी है रैस्क्यू ऑप्रेशन
एक तरफ राहुल का परिवार अपने बेटे को खोने के गम में डूबा है, वहीं दूसरी तरफ वायनाड में मौत के मलबे के बीच जिंदगी की तलाश अब भी जारी है। प्रशासन और राहत एवं बचाव दल लगातार अन्य लापता लोगों को खोजने के लिए रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं।

