ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
रिश्तों को तार-तार कर देने वाले एक बेहद संवेदनशील मामले में रामपुर स्थित किन्नौर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपनी नाबालिग सौतेली बहन के साथ दुष्कर्म करने के दोषी 22 वर्षीय सचिन कुमार निवासी जिला किन्नौर को 20 वर्ष के कारावास और 10,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले जिला उपन्यायवादी कमल चंदेल ने इस फैसले की विस्तृत जानकारी दी।
संपत्ति का हिस्सा लेने लौटा था आरोपी
कमल चंदेल ने बताया कि दोषी सचिन और पीड़िता एक ही पिता की संतान हैं, लेकिन दोनों की माताएं अलग-अलग हैं। करीब 18-20 साल पहले दोषी की मां उसे लेकर अपने पति से अलग हो गई थी। इसके बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली, जिससे पीड़िता का जन्म हुआ। कुछ वर्ष पहले सचिन अपना हिस्सा मांगने अपने पिता के पास वापस आया। पिता ने उसे जमीन और एक घर दे दिया। इसके बाद से वह वहां अकेला रहने लगा, लेकिन उसका खाना-पीना पिता और पीड़िता के साथ ही होता था।
सगे भाई की तरह राखी बांधती थी पीड़िता, शराब के नशे में की दरिंदगी
वर्ष 2024 में जब पीड़िता 10वीं कक्षा में पढ़ रही थी और महज 14 वर्ष की थी, तब आरोपी ने उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने पर मजबूर किया। पीड़िता इस कदर आहत थी क्योंकि वह उसे अपना सगा भाई मानती थी और उसे राखी भी बांधती थी। आरोपी की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, वह शराब पीकर पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने लगा।
आत्महत्या की धमकी देकर किया ब्लैकमेल
आरोपी ने पीड़िता को डराने और चुप रखने के लिए उसे अपना एक वीडियो भी भेजा। इस वीडियो में वह एक पेड़ के पास हाथ में रस्सी से बनाया फंदा लिए खड़ा था और धमकी दी की अगर ये बात किसी को बताई तो वह आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद पीड़िता का मानसिक सन्तुलन बिगड़ने लगा और थक-हार कर उसने अपनी मां को इस बारे में सब बता दिया। इसके बाद मामला पुलिस के पहुंचा और जांच के बाद कोर्ट में पेश हुआ। पुलिस ने न्यायालय में करीब 22 गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे 20 वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

