ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की एक होनहार बेटी ने भारतीय सेना (Indian Army) में वो कर दिखाया है, जो आज तक कोई महिला अधिकारी नहीं कर पाई थी। अर्की उपमंडल के कहडोग गांव की रहने वाली लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर (Lieutenant Pragati Thakur) ने बैस्ट आर्टिलरी यंग ऑफिसर-सिल्वर गन ट्रॉफी (Silver Gun Trophy) जीतकर भारतीय सेना में एक नया इतिहास रच दिया है। भारतीय सेना की आर्टिलरी रैजीमैंट में सेवाएं दे रहीं प्रगति, यह सर्वोच्च और प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाली देश की पहली महिला अधिकारी (First Female Officer) बन गई हैं।
लैफ्टिनैंट प्रगति के पिता और भारतीय सेना से सेवानिवृत्त ऑनरेरी कैप्टन बालक राम ठाकुर ने गर्व के साथ बताया कि अब तक सिल्वर गन ट्रॉफी (Silver Gun Trophy) जीतने का रिकॉर्ड केवल पुरुष अधिकारियों के नाम दर्ज था। प्रगति ने अपनी असाधारण प्रतिभा से इस परंपरा को बदलते हुए महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने यह गौरवपूर्ण उपलब्धि स्कूल ऑफ आर्टिलरी में आयोजित यंग ऑफिसर्स कोर्स के दौरान हासिल की। यह ट्रॉफी उन युवा अधिकारियों को दी जाती है जो नेतृत्व, सैन्य कौशल, पेशेवर दक्षता और कठिन प्रशिक्षण में सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब प्रगति ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इससे पहले मार्च 2025 में चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) की पासिंग आऊट परेड में उन्होंने पूरे बैच में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मैडल (Gold Medal)अपने नाम किया था। अकादमी में उन्हें अकादमी अंडर ऑफिसर का दर्जा भी प्राप्त था, जो कैडेट्स के लिए सबसे वरिष्ठ और सम्मानजनक पद माना जाता है। ओटीए में गोल्ड और अब आर्टिलरी में सिल्वर गन ट्रॉफी जीतना, उनकी अदम्य सैन्य क्षमता का जीता-जागता प्रमाण है।
लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर को देश सेवा का जज्बा विरासत में मिला है। उनके पिता बालक राम ठाकुर सेना से रिटायर्ड ऑनरेरी कैप्टन हैं, जबकि माता मीना ठाकुर एक कुशल गृहिणी हैं। प्रगति की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, जतोग से हुई। इसके बाद उन्होंने संजौली कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। कॉलेज के बाद उन्होंने संयुक्त रक्षा सेवा (Combined Defense Service) की परीक्षा पास की और कठिन सेवा चयन बोर्ड (Service Selection Board) इंटरव्यू को पार करते हुए सेना में अफसर बनने का अपना सपना साकार किया।
लैफ्टिनैंट प्रगति की इस ऐतिहासिक और राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर उनके पैतृक क्षेत्र अर्की समेत पूरे हिमाचल में जश्न का माहौल है। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बेटी की इस शानदार सफलता पर गर्व जताते हुए उन्हें और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी हैं।

