ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक आज प्रदेश सचिवालय में होने जा रही है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली कैबिनेट की मीटिंग पर प्रदेशभर की निगाहें टिकी हैं. प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव समाप्त होने के आचार संहिता हट गई है. ऐसे में इस बैठक में सरकारी नौकरियों, कर्मचारियों से जुड़े मामलों, विकास परियोजनाओं और कई लंबित नीतिगत प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं.
हाल के महीनों में सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में रिक्त पद भरने और नई भर्तियों को मंजूरी देने के संकेत दिए गए हैं, वहीं बजट भाषण में भी मुख्यमंत्री ने चालू वित्त वर्ष में रोजगार को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं. ऐसे में युवाओं को आज की बैठक से बड़ी उम्मीदें हैं. कैबिनेट में शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है. पिछली कैबिनेट बैठकों में भी विभिन्न विभागों में पद भरने, नई संस्थागत व्यवस्थाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिससे आज की बैठक के एजेंडे को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है. इसके अलावा छोटे और सीमांत किसानों को राहत देने के उद्देश्य से तैयार भूमि नियमितीकरण नीति पर भी कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है.
यह प्रस्ताव हाल ही में मंत्रिमंडलीय उपसमिति द्वारा तैयार कर सरकार को सौंपा गया है. ऐसे में उम्मीद जताई गई है कि इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाकर इस पर चर्चा हो सकती है. वहीं, मंजूरी मिलने के बाद इसे केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के भेजा जाएगा, ताकि किसानों को राहत मिल सके.
वहीं, राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की तैयारी है. लंबे समय से डॉक्टरों की कमी, अवकाश के दौरान सेवाओं में बाधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता जैसी चुनौतियों से जूझ रहे सरकारी अस्पतालों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है. सरकार स्वास्थ्य ढांचे को अधिक सक्षम बनाने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर फैसला ले सकती है, जिनका सीधा लाभ मरीजों और चिकित्सा संस्थानों दोनों को मिलेगा. स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रस्तावित 300 डॉक्टरों के ‘लीव रिजर्व कैडर’ को मंजूरी मिलने की संभावना है. इस व्यवस्था के लागू होने से डॉक्टरों के अवकाश, प्रशिक्षण या पीजी कोर्स के दौरान अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी. ऐसे में आवश्यकता के अनुसार डॉक्टरों की तैनाती से मरीजों को निर्बाध उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा. इसके अलावा 200 स्टाफ नर्सों, सीनियर रेजिडेंट्स और करीब 180 ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट और रेडियोग्राफर के पदों को भरने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल सकती है. इन नियुक्तियों से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है.

