ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हुई जोरदार ओलावृष्टि और बारिश ने बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। सबसे ज्यादा नुक्सान सेब की नकदी फसल को हुआ है। ओलों की मार इतनी खौफनाक थी कि सेब की सुरक्षा के लिए लगाए गए एंटी-हेलनेट तक तार-तार हो गए। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई। मंडी जिले के करसोग (डींग व कथेड़), शिमला के सेब बहुल इलाके रोहड़ू (शरोंथा) व कोटखाई (थरोला व खड़ापत्थर) और सिरमौर जिले के लाधी क्षेत्र (कोटी बौंच) में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है, जिससे सेब उत्पादकों को लाखों का नुक्सान झेलना पड़ा है।
नेरी में चली तेज आंधी
शुक्रवार को कल्पा में 2.3 मिमी, धर्मशाला व कांगड़ा में 0.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि मंडी में बूंदाबांदी हुई। मौसम के इस रौद्र रूप के बीच नाहन में जमकर मेघ गरजे और नेरी में 37 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चली। पिछले 24 घंटों में नाहन में 14.2 मिमी, पांवटा साहिब में 6.4 मिमी, धौलाकुआं में 3.5 मिमी, कुकुमसेरी में 2.1 मिमी, केलांग व चम्बा में 2-2 मिमी, रेणुका व जाटों बैराज में 1-1 मिमी, सांगला में 0.6 मिमी और कल्पा में 0.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
ऊना का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सैल्सियस रिकॉर्ड
बारिश और ओलावृष्टि के बावजूद शुक्रवार को ऊना का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सैल्सियस रहा, जबकि राजधानी शिमला में पारा 25 डिग्री सैल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 से 29 मई के बीच प्रदेश में मात्र 44 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य (59.7 मिमी) से 26 फीसदी कम है। हालांकि, इस दौरान ऊना और सिरमौर में इंद्रदेव मेहरबान रहे। ऊना में सामान्य से 48% (44.8 मिमी) और सिरमौर में 30% (52.9 मिमी) अधिक बारिश दर्ज की गई।
10 जिलों में यैलो अलर्ट जारी
मौसम केंद्र शिमला ने 30 मई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, शिमला और चम्बा सहित प्रदेश के 10 जिलों में तेज हवाएं चलने और अंधड़ का यैलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 31 मई से 4 जून तक मौसम में सुधार होने के आसार हैं। इस दौरान केवल कुछ छिटपुट स्थानों पर ही हल्की बारिश होने की संभावना है।

