ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच प्रदेश सरकार निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों को वित्तीय प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है। इस योजना के तहत, यदि पंचायत स्तर पर सभी वार्ड पंच, उपप्रधान और प्रधान निर्विरोध चुने जाते हैं, तो निर्विरोध चुनी पंचायतों को 10 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अलावा राज्य में कोई भी जिला परिषद निर्विरोध चुनकर आता है तो उसे सरकार 15 लाख की धनराशि प्रदान करेगी। इसी तरह निर्विरोध चुनी ब्लाक समिति को पांच लाख दिए जाएंगे। फिलहाल यह प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है और मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद
वहीं, सरकार द्वारा दी जाने वाली यह राशि संबंधित क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। बता दें कि अब तक के चुनावी इतिहास में राज्य में ब्लॉक समिति और जिला परिषद के स्तर पर निर्विरोध चयन का कोई उदाहरण सामने नहीं आया है। हालांकि, वर्ष 2021 के पंचायत चुनावों में लगभग तीन हजार पदों पर निर्विरोध प्रतिनिधि चुने गए थे। नई योजना लागू होने पर इस संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
जल्द ही जारी होगा चुनावी शेड्यूल
राज्य में पंचायत चुनावों के तहत बड़े पैमाने पर प्रतिनिधियों का चयन होना है। 12 जिला परिषदों में कुल 252 सदस्य, 92 ब्लॉक समितियों में लगभग 1700 सदस्य और 3753 पंचायतों में करीब 22 हजार वार्ड पंच, प्रधान और उपप्रधान चुने जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने की संभावना है। चुनाव को लेकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

