ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में साउथ अफ्रीका से बरात पहुंची। साउथ अफ्रीका से आए दूल्हे ने हिमाचल की बेटी रुक्मिणी देवी संग हिंदू रीति रिवाज के साथ सात फेरे लिए। सुजानपुर के कक्कड़ में युवती के पैतृक गांव में धूमधाम से शादी की रस्में निभाई गईं। हजारों किलोमीटर दूर से पहुंचे दूल्हे ने स्थानीय संस्कृति को अपनाते हुए पूरे विधि-विधान से शादी की।
जानकारी के अनुसार दोनों की मुलाकात चंडीगढ़ के एक कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। पढ़ाई के दौरान शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे गहरे प्रेम में बदल गई और अंततः दोनों ने इस रिश्ते को शादी के पवित्र बंधन में बांधने का निर्णय लिया। दोनों परिवारों की सहमति के बाद यह विवाह संपूर्ण हुआ।
रुक्मिणी देवी कक्कड़ गांव, तहसील बमसन की निवासी हैं। उनके पिता सूबेदार प्रीथी सिंह और माता सविता देवी ने इस रिश्ते को खुले दिल से स्वीकार किया। शादी समारोह पूरी तरह पारंपरिक हिमाचली रीति-रिवाजों के अनुसार धूमधाम से आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों की भी भागीदारी रही।
विशेष बात यह रही कि साउथ अफ्रीका से आए दूल्हे ने भारतीय वेशभूषा धारण कर सभी रस्मों को पूरे सम्मान के साथ निभाया। दूल्हे ने शेरवानी पहन रखी थी, वहीं, उसकी महिला रिश्तेदारों ने लहंगा पहना। नाटी नृत्य में भाग लेते हुए वह पूरी तरह हिमाचली रंग में रंगे नजर आए। सात फेरों के साथ दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का वचन लिया।
यह विवाह न केवल दो दिलों का मिलन है, बल्कि दो देशों और संस्कृतियों का सुंदर संगम भी है। इसने यह साबित कर दिया कि सच्चा प्यार सरहदों का मोहताज नहीं होता और दूरियां भी रिश्तों को मजबूत बनने से नहीं रोक पातीं।

