ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश परिवारों को बड़ी राहत देते हुए बीपीएल (BPL) चयन के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अब उन परिवारों को भी बीपीएल श्रेणी में शामिल किया जाएगा, जिनके वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान वीबी-जी रामजी (जिसे पहले मनरेगा कहा जाता था) के तहत कम से कम 50 दिन का रोजगार पूरा किया है। सरकार के इस कदम से उन श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो आजीविका के लिए पूरी तरह सरकारी योजनाओं पर निर्भर हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि 12 मार्च
नई व्यवस्था के तहत उन परिवारों को भी एक सुनहरा मौका दिया गया है, जो पहले के चार चरणों के सर्वेक्षण में किसी कारणवश छूट गए थे। पात्र परिवार 12 मार्च तक अपने आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत या खंड विकास कार्यालय में जमा कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों की जांच के लिए खंड स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदनों की गहन जांच के बाद पंचायतवार सूचियां तैयार होंगी। 18 मार्च को बीपीएल परिवारों की पांचवें चरण की अंतिम सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी। वहीं, सूची जारी होने के बाद पात्र परिवार विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।
पुराने सर्वेक्षण के निर्णय रहेंगे यथावत
विभाग ने साफ किया है कि प्रथम से चतुर्थ चरण तक के सर्वेक्षण में लिए गए निर्णय पहले की तरह ही लागू रहेंगे। नए सर्वेक्षण में सत्यापन और अपील की प्रक्रिया पुराने दिशा-निर्देशों के अनुसार ही होगी। प्रशासन ने पंचायत प्रतिनिधियों को इस बदलाव का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार जानकारी के अभाव में पीछे न रहे।
“पात्र परिवार समय रहते आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करें। सरकार का यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।”- अशोक कुमार, बीडीओ परागपुर
