26.3 C
New York
Wednesday, April 15, 2026

Buy now

Sirmaur : भ्रष्टाचार के आरोपित शिक्षक पर गिरी गाज, शिक्षा विभाग ने जबरन किया रिटायर..

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में संलिप्त एक शिक्षक के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। यह कार्रवाई जिला सिरमौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नागेटा में तैनात गणित प्रवक्ता हरदीश कुमार के विरुद्ध की गई है। विभाग के निदेशक आशीष कोहली द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

क्या था मामला…?

यह पूरा प्रकरण वर्ष 2021 का है, जब संबंधित शिक्षक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तरुवाला में आईसीटी (ICT) लैब प्रभारी के पद पर कार्यरत थे। जून 2021 में उनका एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वे कथित तौर पर एक सप्लायर से रिश्वत की मांग करते हुए सुनाई दे रहे थे। इस घटना के बाद मामला तूल पकड़ गया और 23 जुलाई 2021 को नाहन पुलिस थाना में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद विभाग ने 16 अक्टूबर 2021 को उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक जांच शुरू की थी।

जांच में साबित हुए भ्रष्टाचार के आरोप..

विभागीय जांच अधिकारी ने साक्ष्यों, परिस्थितियों और स्वयं आरोपी शिक्षक की स्वीकारोक्ति के आधार पर 2 सितंबर 2024 को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी। इस जांच में हरदीश कुमार को उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का दोषी पाया गया। हालांकि, विभाग ने उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि शिक्षक का पद समाज में अत्यंत सम्मानजनक और उच्च नैतिक मूल्यों से जुड़ा होता है।

विभाग ने कहा, “शिक्षक से ईमानदारी और उच्च आचरण की सर्वोच्च अपेक्षा की जाती है। छात्र हितों से जुड़े तंत्र में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।” आरोप की गंभीरता और जन विश्वास को पहुंची ठेस को देखते हुए विभाग ने हरदीश कुमार को सरकारी सेवा में बने रहने के लिए अयोग्य करार दिया और उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा सुनाई है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles