ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर हाल के दिनों में सामने आए विवाद के बीच हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने उत्तराखंड सरकार से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यात्रा को निर्बाध रूप से संचालित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में कमेटी की ओर से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया है। शनिवार को गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कमेटी सचिव अंग्रेज सिंह रानिया, सदस्य गुरजीत सिंह एवं हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हेमकुंड साहिब जाने वाले सिख श्रद्धालुओं की यात्रा में बाधा डालने, उन्हें डराने-धमकाने और धार्मिक यात्रा से रोकने के प्रयास किए हैं। इससे श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल बना है।
उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब सिख धर्म का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां प्रति वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा में किसी भी प्रकार की बाधा धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान प्रदत्त अधिकारों के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि यात्रा मार्ग पर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और यात्रा में बाधा डालने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर भी जोर देते हुए कहा कि सभी पक्षों को संयम बनाए रखना चाहिए, ताकि धार्मिक सौहार्द कायम रहे।
दोनों राज्य सरकारें कर रही हैं समाधान का प्रयास : तरुण
इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह एक छोटा सा विवाद है और इसे 2 धर्मों के बीच टकराव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रतिनिधिमंडल और जत्थेदारों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत कर मामले के समाधान की पहल की। दोनों राज्यों की सरकारें आपसी समन्वय से स्थिति सामान्य बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही हैं। कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को चुनावी लाभ के लिए राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सरकारें शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में मिलकर काम कर रही हैं।
