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Tuesday, May 26, 2026

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हिमाचल सरकार को बड़ी राहत: SC ने हाईकोर्ट के फैसले को किया रद्द, कहा- बिजली पर छूट केवल ‘नई औद्योगिक इकाइयों’ के लिए

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश की एक नीति के तहत ”बड़े पैमाने पर विस्तार” कर रही मौजूदा औद्योगिक इकाइयां बिजली रियायतों की हकदार नहीं हैं, क्योंकि यह नीति केवल ”नयी स्थापित” इकाइयों के लिए ही हैं। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द करते हुए औद्योगिक बिजली रियायतों को लेकर एक विवाद में राज्य सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया।

पीठ ने अपने आदेश मे कहा, ”2019 की औद्योगिक नीति का प्रावधान 16(ए) और 2019 के नियमों के तहत नियम 16(आई)(ए) ‘नई औद्योगिक इकाइयों’ पर लागू होने थे। यह ‘बड़े पैमाने पर विस्तार कर रही मौजूदा औद्योगिक इकाइयों’ पर लागू नहीं होता है।” उन्होंने फैसले में कहा, ”2019 की औद्योगिक नीति से पहले और बाद में जारी किए गए समकालीन शुल्क आदेशों, नीति की समग्र योजना और स्वयं धारा 16 की संरचना स्पष्ट करती है कि धारा 16(ए) के तहत रियायती शुल्क लाभ केवल नए औद्योगिक इकाइयों के लिए था, जबकि धारा 16(बी) के तहत छूट लाभ बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहीं मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के लिए था।”

पीठ द्वारा इस सवाल पर विचार किया जा रहा था कि क्या 2019 की नीति की धारा 16(ए) के तहत रियायती बिजली दरों का उद्देश्य कभी भी बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहीं मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के लिए था और अप्रैल, 2022 में जारी किए गए संशोधन नोटिस का क्या प्रभाव पड़ा। न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मई, 2025 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें राज्य सरकार को निजी फर्म को ऊर्जा शुल्क पर 15 प्रतिशत की छूट देने का निर्देश दिया गया था। यह निजी फर्म एक मौजूदा इकाई थी जिसने विस्तार कार्य किया था।

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