ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन से कौलांवालाभूड़ वाया सुरला-चासी रूट पर बसों की किल्लत और ओवरलोडिंग के कारण दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार सुबह कौलांवालाभूड़ से नाहन आने वाली पहली बस के रूप में महज 32 सीटर इलेक्ट्रिक बस भेजी गई, जिसमें क्षमता से दोगुने से भी अधिक—लगभग 80 से 85 यात्री—ठसाठस भरकर सफर करने को मजबूर हुए।
इस भयावह स्थिति के बीच यात्रियों में सुरक्षा को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब बस में रत्ती भर भी जगह नहीं बचती, तो ऐसे में किसी भी आपात स्थिति या तकनीकी खराबी के दौरान गंभीर हादसा हो सकता है।
हैरानी की बात यह है कि महज दो-तीन दिन पहले ही इस रूट के परेशान यात्रियों ने नाहन बस स्टैंड पर प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय परिवहन प्रबंधन ने चालकों (ड्राइवर्स) की कमी का हवाला दिया था और बताया था कि शाम 5:30 बजे की बस का संचालन संभव नहीं है, हालांकि इसके एवज में शाम 5:00 बजे 47 सीटर बड़ी बस चलाने का भरोसा दिया गया था। इसके बावजूद बुधवार सुबह फिर से छोटी क्षमता वाली इलेक्ट्रिक बस भेज दी गई, जिससे प्रबंधन के दावों और मैदानी हकीकत के अंतर की पोल खुल गई।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि इस रूट पर रोजाना सफर करने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में 32 सीटर छोटी बसें भीड़ को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं। मजबूरी में जान जोखिम में डालकर यात्रियों को सफर करना पड़ रहा है।
इस पूरे मामले पर हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक नाहन का पक्ष जानने के लिए जब उनसे टेलीफोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
क्षेत्रवासियों ने परिवहन विभाग और प्रशासन से गुहार लगाई है कि कौलांवालाभूड़-नाहन रूट पर यात्रियों की वास्तविक संख्या को ध्यान में रखते हुए बड़ी क्षमता वाली बसें चलाई जाएं, ताकि हर दिन पैदा हो रही ओवरलोडिंग की समस्या से निजात मिले और सफर सुरक्षित बन सके।
