ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज और शहरी निकाय के चुनाव भले ही खत्म हो चुके हों, लेकिन इसके बाद से लगातार भाजपा कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं. चुनाव नतीजे को लेकर भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर है. वहीं, अब हिमाचल सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर तीखा पलटवार किया है. कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को नैतिकता की बात करना शोभा नहीं देता. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार को गिराने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने उसे नकार दिया. इस दौरान जगत सिंह नेगी ने हिमाचल भाजपा के विधायकों को इस्तीफा देकर घर बैठने की नसीहत दी साथ ही केंद्र सरकार से भी इस्तीफा मांग लिया.
दरअसल भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस को स्थानीय निकाय चुनाव में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है. उन्होंने कहा ऐसे में प्रदेश सरकार को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा ने ईडी, सीबीआई और धनबल के सहारे सरकार गिराने की कोशिश की थी. उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव में 9 में से 6 सीटों पर कांग्रेस विधायकों की जीत ने जनता का रुख साफ कर दिया है. नेगी ने कहा कि अगर नैतिकता की बात की जाए तो भाजपा विधायकों को इस्तीफा देना चाहिए. राजस्व मंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र के खिलाफ कई बड़े मुद्दे मौजूद हैं और नैतिकता के आधार पर केंद्र सरकार को भी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए.
“खालसा टैक्स” के मुद्दे पर भाजपा को ठहराया दोषी
वहीं, पंजाब-हिमाचल सीमा पर कथित तौर पर वसूले जा रहे “खालसा टैक्स” के मुद्दे ने भी सियासी रंग ले लिया है. पंजाब हिमाचल सीमा पर “खालसा टैक्स नाका” लगाकर वसूले जा रहे टैक्स को लेकर भाजपा ने सरकार पर लॉ एंड ऑर्डर न संभाल पाने का आरोप लगाया. वहीं, मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस पूरे मामले के लिए उल्टा भाजपा को दोषी ठहराया है. जगत सिंह नेगी ने भाजपा को घेरते हुए आरोप लगाया कि ये सब भाजपा का किया धरा है. नेगी ने कहा कि हिमाचल सरकार ने प्रदेश हित में टैक्स लगाया था, लेकिन भाजपा के लोग लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं. जिसके जरिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का काम किया जा रहा है. नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
