ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के दूरदराज क्षेत्र गिरिपार की बेटी रितिका शर्मा ‘उमंग’ ने अपने अदम्य साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति से राष्ट्रीय पटल पर देवभूमि का नाम रोशन किया है। हिमाचल प्रदेश गर्ल्स बटालियन एनसीसी (सोलन) की इस होनहार कैडेट ने 18,370 फुट की दुर्गम ऊंचाई फतह कर ‘परांगला एक्सपीडिशन-अपराजिता 2026’ अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें देश की सर्वोच्च नागरिक, महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का गौरव भी प्राप्त हुआ है।
यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इस कठिन पर्वतारोहण अभियान के लिए पूरे देश से केवल 20 होनहार प्रतिभागी बालिकाओं का चयन किया गया था, जिनमें देवभूमि हिमाचल की रितिका शर्मा ने अपनी जगह पक्की की थी। ‘परांगला एक्सपीडिशन-अपराजिता 2026’ अभियान 15 अगस्त को शुरू हुआ था और 30 सितम्बर तक चला। करीब डेढ़ महीने तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान के दौरान रितिका और उनकी टीम ने शून्य से नीचे हाड़ कंपा देने वाले तापमान, बर्फीली हवाओं और खतरनाक चढ़ाई का डटकर सामना किया। इन सभी विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए रितिका ने 18,370 फुट ऊंची चोटी पर पहुंचकर अपने साहस का लोहा मनवाया।
इस कठिन और ऐतिहासिक अभियान के सफलतापूर्वक समापन के बाद नई दिल्ली में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में रितिका शर्मा को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि तब रही, जब रितिका को राष्ट्रपति भवन आमंत्रित किया गया, जहां उन्हें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से व्यक्तिगत रूप से भेंट करने का ऐतिहासिक अवसर मिला।
रितिका की इस ऐतिहासिक सफलता से उनके पैतृक क्षेत्र गिरिपार और संगड़ाह महाविद्यालय में जश्न का माहौल है। संगड़ाह कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वेद प्रकाश और कॉलेज के एनसीसी अधिकारी प्रो. सतीश ठाकुर ने रितिका को बधाई देते हुए कहा कि रितिका शर्मा ने अपनी मेहनत और जज्बे से जो मुकाम हासिल किया है, वह न केवल हमारे महाविद्यालय, बल्कि पूरे सिरमौर जिले और हिमाचल प्रदेश के लिए असीम गर्व का विषय है। वह युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
