कॉमनवैल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारत ने जीता गोल्ड, हिमाचल की बेटी चंपा ठाकुर ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम

कॉमनवैल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारत ने जीता गोल्ड, हिमाचल की बेटी चंपा ठाकुर ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित प्रथम कॉमनवैल्थ कबड्डी चैंपियनशिप-2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने युगांडा को 35-15 के विशाल अंतर से परास्त कर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। इस शानदार जीत में हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के चुराह उपमंडल की बेटी चंपा ठाकुर ने भारतीय टीम की रीढ़ बनकर मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन किया और तिरंगा लहराया।

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने इस पूरी प्रतियोगिता में आक्रामक खेल और बेहतर रणनीति का प्रदर्शन करते हुए अपने सभी छह मुकाबलों में एकतरफा जीत हासिल की। 31 अक्तूबर को खेले गए खिताबी मुकाबले में चंपा ठाकुर के सटीक डिफैंस और टीम के सामूहिक तालमेल के आगे युगांडा की टीम बेबस नजर आई। इस स्वर्णिम सफलता के साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की है।

प्राथमिक स्कूल से शुरू हुआ सफर, साईं हॉस्टल बना टर्निंग पॉइंट

चुराह की दूरदराज बघेईगढ़ पंचायत के एक साधारण गांव की रहने वाली चंपा ठाकुर के लिए विश्व स्तर तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। उनके खेल जीवन की शुरूआत प्राथमिक स्कूल की खेलकूद प्रतियोगिता से हुई, जहां उन्होंने मिट्टी के मैदान पर कबड्डी खेलना शुरू किया। उनकी असाधारण प्रतिभा को देखते हुए उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साईं) हॉस्टल के लिए हुआ, जो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यहां मिली पेशेवर ट्रेनिंग और बेहतरीन डिफेंस तकनीक के दम पर चंपा लगातार तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनने वाली हिमाचल की टीम की मुख्य खिलाड़ी भी रही हैं।

परिवार से मिली खेल की विरासत, पिता और भाई हैं पहलवान

चंपा की सफलता के पीछे उनके पूरे परिवार का खेल के प्रति अटूट समर्पण है। उनके पिता रमेश ठाकुर क्षेत्र के जाने-माने पहलवान हैं। पिता को कुश्ती के अखाड़े में मेहनत करते देख चंपा के मन में बचपन से ही खेलों के प्रति ललक जागी। वहीं, चंपा के भाई भी कुश्ती के मैदान में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। आज यह परिवार पूरे चुराह और चम्बा जिले के युवाओं के लिए ‘स्पोर्ट्स आइकॉन’ बन चुका है।

भारत के लिए दूसरी बार जीता गोल्ड, क्षेत्र में जश्न का माहौल

चंपा ठाकुर ने भारत के लिए यह दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले वह भारतीय महिला कबड्डी वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा रहकर देश के लिए गोल्ड जीत चुकी हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से चुराह क्षेत्र, चम्बा जिला और पूरे प्रदेश में खुशी व जश्न का माहौल है। सामाजिक व खेल संगठनों सहित स्थानीय निवासियों ने चंपा को बधाई दी है। अभावों को मात देकर चंपा ने यह साबित कर दिखाया है कि प्रतिभा और सफलता किसी बड़े शहर या आधुनिक सुविधाओं की मोहताज नहीं होती।

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